जानकारी के अनुसार यह हादसा मलाजखंड मार्ग पर केवलारी चौराहे के पास हुआ। बताया जा रहा है कि सीतम केलकर अपनी पत्नी सविता और तीन साल के बेटे अभि के साथ दो दिन पहले अपने गृहग्राम गए हुए थे। शनिवार रात खाना खाने के बाद वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वापस लौट रहे थे। कार में कुल छह लोग सवार थे और माहौल सामान्य था लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सफर एक भयानक त्रासदी में बदल जाएगा।
रास्ते में केवलारी चौराहे के पास अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने छोटे नाले में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पलट गई और कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। देखते ही देखते कार धू धू कर जलने लगी और चीख पुकार के बीच तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इस हादसे में नगारची केलकर सविता केलकर और मासूम अभि केलकर जिंदा जल गए। वहीं कार चला रहे सीतम केलकर और उनकी मां नाना बाई गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर किया गया है जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस भयावह हादसे में आठ साल की बच्ची पूर्वी रहांगडाले किसी तरह बच निकली जो इस त्रासदी की प्रत्यक्षदर्शी बन गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जब तक आग बुझाई गई तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोई संभावना नहीं बची थी। घटनास्थल का मंजर इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गया है। एक ही पल में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं और एक खुशहाल परिवार बिखर गया। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है।
इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि सड़क पर एक छोटी सी चूक भी कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
