स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने न केवल चेकिंग का विरोध किया, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी इसे लेकर उकसाया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों से गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। स्थिति बिगड़ने पर आरटीओ प्रभारी अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद और बढ़ गया।
इस दौरान एक स्थानीय युवक भी घटनास्थल पर पहुंच गया और कथित रूप से अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी देने लगा। तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ लोगों ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। आगजनी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और आरटीओ चेकिंग की कार्रवाई रोकनी पड़ी।
घटना में सौभाग्य से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आगजनी और उत्पात के कारण मौके पर उपस्थित अन्य वाहन चालकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी रही। आरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की।
पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने और सड़क पर उत्पात मचाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने भी बताया कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से ट्रैफिक और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मुख्य मार्ग पर रोजमर्रा की जिंदगी और आवाजाही के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।
मौके पर उपस्थित आरटीओ और पुलिस टीम ने लोगों को समझाया और सड़क पर लगे जाम को तुरंत हटाया। अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।
