शिकायत मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर जांच की। मौके पर जाकर देखा गया कि नकल के कोई ठोस प्रमाण मौजूद नहीं थे। अधिकारियों ने पाया कि ब्लैकबोर्ड पर लिखी सामान्य परीक्षा जानकारी को छात्रा ने नकल समझ लिया था।
जांच के बाद यह मामला पूरी तरह गलतफहमी साबित हुआ। छात्रा और उसके परिजनों ने बाद में CM हेल्पलाइन से शिकायत वापस ले ली। शिक्षा विभाग ने कहा कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए उड़नदस्ते लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
यह घटना साबित करती है कि छोटी-सी गलतफहमी भी परीक्षा केंद्रों में अफरा-तफरी मचा सकती है। अधिकारियों ने इस झूठी शिकायत के बाद राहत की सांस ली और बताया कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित जांच और स्थिति स्पष्ट करने की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज की जाएगी।
