शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के नाम से आपत्तियां लगाई गई हैं, उनमें से कई को इसकी जानकारी तक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि फर्जी तरीके से आपत्तियां लगाकर मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है।
कांग्रेस ने निर्वाचन कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। नेताओं ने मांग की है कि पिछले 15 दिनों की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आपत्तियां किसने और कैसे जमा कीं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि फर्जी आपत्तियां लगाने वालों पर निर्वाचन आयोग द्वारा सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला बयान एक कथित आपत्तिकर्ता का सामने आया है, जिसे कांग्रेस नेता अपने साथ लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे थे। उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसने किसी भी मतदाता के खिलाफ कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। उसके अनुसार, उसे एसडीएम कार्यालय बुलाया गया और बताया गया कि उसके नाम से आपत्तियां लगाई गई हैं, जबकि उसने न तो कोई फॉर्म भरा और न ही किसी के नाम पर आपत्ति की। व्यक्ति का कहना है कि उसके नाम, फर्जी हस्ताक्षर और EPIC नंबर का दुरुपयोग कर 227 मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज कर दी गईं।
वहीं इस मामले पर एसडीएम ऋषि सिंघई ने सफाई देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने दावे-आपत्तियों को लेकर आवेदन दिया है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार ही पूरी प्रक्रिया चल रही है। जो भी व्यक्ति आपत्ति करता है, उसे सूचना देकर बुलाया जा रहा है। यदि आपत्तिकर्ता स्वयं उपस्थित नहीं होता है, तो नियमों के तहत उसकी आपत्ति की जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उसे निरस्त कर दिया जाएगा।
इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि भोपाल सहित कई स्थानों पर वोट कटवाने के लिए दूसरे व्यक्तियों के नाम और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर हजारों आपत्तियां दर्ज की गई हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र को कमजोर करने वाला कृत्य बताया और आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करती है। उनका कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रदेश सरकार व चुनाव आयोग को निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
