एस्मा के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य आगामी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं केमद्देनजर परीक्षा ड्यूटी में किसी प्रकार की विघ्न नहीं आनी चाहिए। प्रदेश में 7 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं और इनमें करीब 17 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इस दौरान शिक्षकों को अपनी ड्यूटी से न भागने और परीक्षा के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
यह आदेश सार्वजनिक सेवा में किसी भी प्रकार की बाधा डालने या ड्यूटी से मना करने को कानून के उल्लंघन के रूप में देखा जाएगा। एस्मा लागू होने से शिक्षकों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का पालन करें, खासकर परीक्षा के दौरान।इस फैसले के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए अगले दो महीनों तक कोई विशेष छुट्टी या अवकाश लेने की सुविधा नहीं होगी। इस दौरान अगर कोई शिक्षक या कर्मचारी ड्यूटी से इंकार करता है या प्रदर्शन करता है, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
