छिंदवाड़ा से शुरू हुआ पीछा मुलताई में खत्म घटनाक्रम की शुरुआत छिंदवाड़ा जिले के लावा घोघरी इलाके से हुई जहाँ कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में गोवंशों को क्रूरतापूर्वक भरकर महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और वाहन का पीछा शुरू किया। लगभग 70 किलोमीटर तक चले इस ‘हाई-स्पीड चेज’ के बाद मुलताई के पास तस्करों ने खुद को घिरता देख पिकअप सड़क किनारे खड़ी की और जंगलों की ओर भाग निकले।
पिकअप में कैद थी क्रूरता जब कार्यकर्ताओं और पुलिस ने पिकअप की तलाशी ली तो अंदर का नजारा दिल दहला देने वाला था। एक छोटी सी पिकअप में कुल 14 गोवंशों को बेहद अमानवीय तरीके से हाथ-पांव बांधकर ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। कई पशु दम घुटने जैसी स्थिति में थे। सभी गोवंशों को सुरक्षित बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी गौशाला भिजवाया गया जहाँ उनका उपचार और चारे-पानी की व्यवस्था की गई।
बॉर्डर पर तस्करी का बड़ा नेटवर्क मुलताई थाना पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ गोवंश प्रतिषेध अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पिकअप के नंबर के आधार पर मालिक और फरार तस्करों की तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बैतूल और महाराष्ट्र की सीमा खुली होने के कारण तस्कर इस रूट का इस्तेमाल अवैध कटाई के लिए पशुओं को ले जाने में लगातार कर रहे हैं।
