पूर्व नपा अध्यक्ष पर हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में समर्थकों, समाजजनों और करणी सेना के लोगों ने नगर बंद का आव्हान किया। मंगलवार को दोपहर तक पिपलौदा बंद रहा और नाका रोड पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे राहगीरों और स्थानीय व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने दावा किया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जा रही है। लगभग दो घंटे बाद यह चक्काजाम समाप्त हुआ।
पुलिस ने पिपलौदा थाना में दर्ज एफआईआर में ग्राम नवेली निवासी दिलीप सिंह की रिपोर्ट के आधार पर पांच नामजद और करीब 30 से 40 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। नामजद आरोपियों में करणी सेना परिवार प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर, हनी कटारिया, राहुल खारोल, असलम मेव और बसंतीलाल राठौर शामिल हैं। सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 3(5) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले की पृष्ठभूमि 19 मार्च की रात की घटना है जब पिपलौदा नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष श्याम बिहारी पटेल पर चाकू से हमला किया गया था। पुलिस ने उस समय जितेंद्र राठौर उर्फ जीतू अन्ना और उसके साथी के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया था। हालांकि, हमले के कई दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। इसी गिरफ्तारी की मांग को लेकर समर्थक और करणी सेना ने प्रदर्शन किया।
पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान बनाए गए फोटो और वीडियो के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पिपलौदा थाना प्रभारी रमेश कोली ने बताया कि पांच नामजद और अज्ञात लगभग 40 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और वीडियो व तस्वीरों से शिनाख्त की जा रही है।
इस घटना ने पिपलौदा में सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को फिर से उजागर किया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा और मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। इस मामले में स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी आपत्ति जताई कि चक्काजाम से उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ा।
रतलाम के पिपलौदा में यह मामला न केवल स्थानीय राजनीति और सामाजिक संगठनों की सक्रियता को दिखाता है बल्कि कानून के उल्लंघन और प्रदर्शन की सीमा पर भी सवाल उठाता है। अब पुलिस की सक्रियता और सबूतों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान इस मामले के अगले कदम को तय करेगी।
