निगरानी की शुरुआत 30 दिसंबर से हो चुकी है। पुलिस ने ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, स्टंटबाजी और सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करने वालों पर विशेष नजर रखी है। अधिकारियों का कहना है कि 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी को भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त रूप से मजबूत किया गया है।एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने होटल, रेस्टोरेंट, बार और रिसॉर्ट संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया है कि नए साल के कार्यक्रम पूरी तरह नियमों के अनुसार ही आयोजित किए जाएं। डीजे और साउंड सिस्टम की आवाज तय मानकों के भीतर रखनी होगी, ताकि आसपास के इलाकों में शांति भंग न हो। किसी भी तरह की अव्यवस्था या नियम उल्लंघन पाए जाने पर आयोजकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए साल के नाम पर हुड़दंग मारपीट या कानून तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा और उनकी नई साल की रात हवालात में भी गुजर सकती है। आपात स्थितियों से निपटने के लिए डायल-112 की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सख्ती लोगों के उत्सव में बाधा डालने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। प्रशासन चाहता है कि शहरवासी नए साल का स्वागत शांति जिम्मेदारी और उत्साह के साथ करें।
सुरक्षा की इस तैयारियों में पैदल और वाहन निगरानी, चेकिंग पॉइंट्स पर ब्रीथ एनालाइजर कंट्रोल रूम से निगरानी और आपातकालीन टीमों की तैनाती शामिल है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।इस व्यापक योजना से ग्वालियर पुलिस का उद्देश्य है कि शहरवासी अपने परिवार और दोस्तों के साथ सुरक्षित तरीके से नए साल का जश्न मनाएं और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
