सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उस समय गंभीर सवालिया निशान लग गएजब एक दुष्कर्म पीड़िता अपने दो मासूम बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक SP कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई। पीड़िता का आरोप है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज होने और उनकी जमानत याचिकाएं खारिज होने के बावजूद पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। देर रात तक चले इस हंगामे के दौरान महिला ने न्याय न मिलने पर अपना गला काटकर जान देने जैसी आत्मघाती चेतावनी भी दी।
सत्ता के दबाव का आरोप और पुलिस से तीखी झड़प
पीड़िता का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब एसपी कार्यालय में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बच्चों समेत वहां से हटाने की कोशिश की। महिला ने रोते हुए चीख-चीख कर कहा कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी सत्ताधारी दल का रसूखदार नेता रहा हैइसलिए पुलिस उसे छूने से भी कतरा रही है। पीड़िता ने बताया”आरोपी की जमानत जिला अदालत और हाईकोर्ट दोनों जगह से खारिज हो चुकी है। वह खुलेआम घूम रहा है और मुझे लगातार धमकियां दे रहा है। मुझे और मेरे बच्चों की जान को खतरा हैलेकिन पुलिस प्रशासन केवल आश्वासन का खेल खेल रहा है।
अधिकारियों में मचा हड़कंप
महिला द्वारा खुद को नुकसान पहुँचाने की धमकी दिए जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला को शांत कराने की कोशिश की। पीड़िता का कहना था कि वह तब तक नहीं हटेगी जब तक कि आरोपी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता। अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही पीड़िता देर रात वहां से हटने को तैयार हुई।
न्यायालय से नहीं मिली है राहत
गौरतलब है कि भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज है। आरोपी ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले जिला न्यायालय और फिर उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई थीजिसे अदालतों ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया है। इसके बावजूद सतना पुलिस की ‘सुस्ती’ अब जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
बढ़ता दबाव और राजनीतिक सरगर्मी
बढ़ता दबाव और राजनीतिक सरगर्मी
इस घटना ने सतना में राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि एक पीड़िता को न्याय के लिए बच्चों के साथ सड़क पर रात गुजारनी पड़ रही हैतो यह सिस्टम की विफलता है। फिलहालपुलिस प्रशासन ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया हैलेकिन पीड़िता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में कार्रवाई नहीं हुईतो वह फिर से उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगी। आरोपी सतीश शर्मा पूर्व जिला अध्यक्षभाजपास्थान पुलिस अधीक्षक कार्यालयसतना। मांग तत्काल गिरफ्तारी और सुरक्षा।कानूनी स्थिति जिला कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत याचिकाएं खारिज।
