जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में होली का कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया गया था। छात्र छात्राएं एक दूसरे को रंग लगाते हुए और फिल्मी गानों पर डांस करते हुए जश्न में डूबे थे। डीजे की तेज धुनों के बीच माहौल पूरी तरह रंगीन और उल्लासपूर्ण था। तभी अचानक मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड वहां पहुंच गया और छात्रों पर हमला कर दिया। हमले से परिसर में अफरा तफरी मच गई। जान बचाने के लिए छात्र छात्राएं इधर उधर भागने लगे। कुछ घबराहट में गिरते पड़ते भी नजर आए।
हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई है लेकिन कई छात्रों को हल्की चोटें और घबराहट की शिकायत बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मधुमक्खियों के हमले से उत्पन्न भगदड़ के बीच हालात कुछ देर के लिए नियंत्रण से बाहर हो गए थे।
इसी अफरा तफरी के दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुटों के बीच कहासुनी शुरू हो गई जो जल्द ही धक्का मुक्की में बदल गई। होली खेलने के दौरान हुई इस झड़प ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। कुछ समय तक परिसर में तनाव बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को काबू में किया गया।
गौरतलब है कि यह विश्वविद्यालय पहले भी विभिन्न कारणों से सुर्खियों में रहा है। हाल ही में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान दूषित और बदबूदार भोजन को लेकर भी विवाद हुआ था। ऐसे में होली समारोह के दौरान मधुमक्खियों का हमला और छात्रों के बीच झड़प ने एक बार फिर सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्र अचानक भागते नजर आ रहे हैं और कुछ स्थानों पर धक्का मुक्की की स्थिति बन रही है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं तो कुछ आयोजन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने की बात कह रहे हैं।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक किसी गंभीर घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन इस घटना ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था और बड़े आयोजनों की तैयारियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस उपाय करता है।
