जबलपुर । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के सख्त नोटिस और स्वत संज्ञान के बावजूद जबलपुर जिले में गंदे नालों के दूषित पानी से सब्जियों की सिंचाई धड़ल्ले से जारी है। विशेषज्ञ चेता रहे हैं कि खासकर पत्तेदार सब्जियाँ खाने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियाँ हो सकती हैं क्योंकि इन्हें धोने के बाद भी केमिकल निकालना नाममुकिन है।
हाईकोर्ट के नोटिस के 12 दिन बाद भी ‘ज़हर की खेती
यह मामला इतना गंभीर हो गया था कि एक लॉ स्टूडेंट के पत्र को जनहित याचिका मानकर हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई की। 2 नवंबर को हाईकोर्ट ने कलेक्टर समेत तमाम आला अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।हाईकोर्ट के नोटिस के 12 दिन बाद भी जब एक टीम जबलपुर नगर निगम सीमा से 500 मीटर दूर पड़वार खुर्द गांव पहुंची तो ओमती नाले के किनारे सब्जियों की सिंचाई बदस्तूर जारी मिली जिसने प्रशासन की सख्ती की पोल खोल दी।इस तरह की खेती कठौंदा खंदारी और ओमती नाला के आसपास के इलाकों में धड़ल्ले से हो रही है।
पत्तेदार सब्ज़ियों में हेवी मेटल्स’ का ख़तरा सबसे ज़्यादा
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के प्रधान वैज्ञानिक, कृषि रसायन शास्त्र एवं मृदा विज्ञान विभाग के हितेंद्र कुमार राय ने इसे बेहद गंभीर और चिंताजनक विषय बताया है। कैंसर का ख़तरा लंबे वक्त तक ऐसी सब्जियां खाने से कैंसर तीसरे-चौथे स्टेज में पता चलता है। हेवी मेटल्स शहरी नाले में क्रोमियम निकिल कैडमियम लेड की मात्रा बहुत होती है। पत्तेदार सब्जियों मेथी, पालक धनिया में हेवी मेटल्स का अपटेक ज्यादा होता है। धोने का असर एक बार नाले के पानी से सब्जी को धोया गया तो इसके बाद 8 से 10 बार धोने पर भी उसके हार्मफुल केमिकल नहीं निकलते हैं। लंबे समय का असर परमिसेबल लिमिट में भी दूषित सब्जियां रोज खाने पर लंबे वक्त में ये अपना भयानक असर दिखाएंगी।
नाले में गोवंश का शव बगल से सिंचाई जारी
मौके पर पड़वार खुर्द गांव में जो दृश्य दिखे, वे बेहद भयावह थेनाले से सटे खेतों में 2 महिलाएं और 1 व्यक्ति नाले के पानी से सींची हुई धनिया तोड़ते मिले। सिंचाई के लिए पाइप और मोटर नाले के करीब रखी थी। नाले के किनारे ढेर सारी पॉलीथिन और एक मरा हुआ गोवंश भी पड़ा था। इसके ठीक बगल से मोटर चलाकर सब्जियों की सिंचाई हो रही थी।गोभी के खेतों में नाले के पानी से सिंचाई के लिए मोटरें पेड़ों के नीचे छिपा कर रखी गई थीं।सब्जी बेच रहे छोटे लाल ने बताया कि आसपास के गांवों में पालक, मेथी, धनिया, मूली, गोभी जैसी सब्जियां होती हैं और ज्यादातर सिंचाई नाले के पानी से होती है, जो बाद में बाजार में बिकती हैं।
कलेक्टर का दावा पंप जब्त किए सैंपलिंग की है
जब जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस मामले में नगर निगम कमिश्नर से जानकारी ली जा सकती है। उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि पंप जब्त किए गए हैं और सब्जियों की सैंपलिंग की गई है।विशेषज्ञों ने ऐसे लोगों पर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है जो जनता की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।
