यह मामला हैबियस कॉर्पस याचिका के रूप में अदालत के सामने आया था। याचिकाकर्ता प्रदीप राठौर ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी बहन प्रियंका राठौर को उसके पति नरेंद्र राठौर और ससुर द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि परिवार के लोगों को उससे संपर्क करने नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते मामला अदालत तक पहुंचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने महिला, उसके पति और अन्य संबंधित पक्षों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान सभी पक्ष अदालत में उपस्थित हुए और जजों ने महिला सहित सभी की बात विस्तार से सुनी।
सुनवाई के दौरान प्रियंका राठौर ने अदालत के सामने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि पति और ससुर अक्सर उन्हें परेशान करते हैं और कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार उसके पति ने उसे सीढ़ियों से धक्का देने की कोशिश भी की थी, जिससे वह काफी भयभीत हो गई थी।
हालांकि, महिला ने अदालत को यह भी बताया कि उसका 8 वर्षीय बेटा है और वह अपने बेटे के भविष्य और परिवार को बचाने की कोशिश करना चाहती है। इसी कारण उसने फिलहाल ससुराल वापस जाकर रिश्तों को सुधारने और विवाद सुलझाने का एक मौका देने की इच्छा जताई।
दूसरी ओर, महिला के पति नरेंद्र राठौर, जो एक बैंक में मार्केटिंग से जुड़े कार्य करते हैं, ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपनी पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे और उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि वे परिवार को साथ लेकर चलना चाहते हैं।
महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अदालत ने एक विशेष व्यवस्था भी की है। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता अंजली ज्ञानानी और जनकगंज थाने की महिला आरक्षक अंतिमा तिवारी तथा आरती लोधी को छह महीने के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे समय-समय पर महिला से संपर्क कर उसकी स्थिति की जानकारी लें और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि महिला के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना या दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी होगी।
इस आदेश को घरेलू विवाद के मामलों में महिला सुरक्षा और पारिवारिक समाधान के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, जहां अदालत ने एक ओर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की है तो दूसरी ओर परिवार को भी संबंध सुधारने का अवसर दिया है।
