ठगी का पता चलते ही दीपक ने तुरंत अपने बैंक को फोन कर खाता ब्लॉक करवाया और कंपू थाने के ऑनलाइन पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वे थाने पहुंचे और शिकायत लिखित रूप में भी दर्ज कराई। हालाँकि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर दीपक शर्मा ने गुरुवार को एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव से संपर्क किया। एसएसपी ने कंपू थाना प्रभारी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मामले में चौंकाने वाली बात यह रही कि ठगी के बाद अज्ञात ठग ने दीपक शर्मा को फोन कर बताया कि उनके खाते में अब केवल 3 लाख रुपये बचे हैं। हालांकि यह रकम ठग द्वारा नहीं निकाली जा सकी क्योंकि दीपक ने खाता पहले ही ब्लॉक करवा दिया था। जब दीपक ने अपने बचे पैसे लौटाने की मांग की, तो ठग भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए फोन काट दिया।
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल ट्रांजैक्शन और मोबाइल सुरक्षा की जांच के साथ-साथ ठग का पता लगाने के लिए सभी संभावित सुराग जुटाए जा रहे हैं। इस घटना से नागरिकों के बीच मोबाइल और बैंक सुरक्षा को लेकर चेतना बढ़ने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
दीपक शर्मा का कहना है कि इस तरह की ठगी किसी के साथ भी हो सकती है इसलिए सभी लोगों को अपने मोबाइल और बैंक ऐप्स की सुरक्षा बढ़ाने की सलाह दी जाती है। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि अगर किसी को भी संदेहजनक ट्रांजैक्शन दिखाई दे तो तुरंत बैंक और पुलिस से संपर्क करें।इस घटना ने शहर के कोचिंग संचालकों और आम नागरिकों में सतर्कता बढ़ा दी है और डिजिटल सुरक्षा के महत्व को दोबारा से सामने लाया है।
