घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे की बताई जा रही है जब एक तेज रफ्तार कार लहारपुर ब्रिज के पास पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार धीमी होते ही आरोपियों ने महिला को सड़क किनारे नाले के पास फेंक दिया और तुरंत फरार हो गए। यह दृश्य बेहद भयावह था जिसे आसपास मौजूद एक महिला ने देखा और तुरंत स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके के लोगों ने तत्परता दिखाते हुए स्वयंसेवी संस्था चित्रांश ह्यूमन वेलफेयर से संपर्क किया। संस्था के सदस्य मोहन सोनी और पारस मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। महिला को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया।
हैरानी की बात यह रही कि महिला करीब 22 घंटे तक बेहोश रही और होश में आने के बाद भी वह अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं थी। वह केवल सलकनपुर शब्द ही बोल पा रही थी जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसका संबंध सलकनपुर मंदिर क्षेत्र से हो सकता है। उसके हाथ पर एक नाम गुदा हुआ मिला है लेकिन अभी तक उसकी पूरी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।
इस पूरे मामले में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब इलाज के दौरान महिला अचानक अस्पताल से लापता हो गई। इस घटना ने पुलिस और प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। बाग सेवनिया थाना पुलिस ने महिला के गायब होने की सूचना मिलने के बाद उसकी तलाश शुरू कर दी है और अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि उस कार और आरोपियों का सुराग लगाया जा सके जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया। थाना प्रभारी अमित सोनी के अनुसार फिलहाल महिला की तलाश प्राथमिकता है और उसकी पहचान होने के बाद ही मामले की असल वजह सामने आ सकेगी।
यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है कि आखिर महिला को इस तरह क्यों फेंका गया और अस्पताल जैसी सुरक्षित जगह से वह अचानक कैसे गायब हो गई। फिलहाल पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है लेकिन जब तक महिला मिल नहीं जाती तब तक यह मामला रहस्य बना रहेगा।
