उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कर्मचारी चयन बोर्ड ईएसबी और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग पीएससी के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताओं को समय पर पूरा किया जाना चाहिए ताकि भर्ती प्रक्रिया में रुकावट न आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती की प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढील या विलंब स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
बैठक में विशेष रूप से अस्पताल सहायक के रिक्त पदों की भर्ती पर ध्यान केंद्रित किया गया। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल सहायक के पदों के प्रस्ताव को शीघ्र ही कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल सहायक स्वास्थ्य संस्थानों के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन पदों की पूर्ति में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है।
इसके साथ ही, उप मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग टीचरों की नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षित और योग्य नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान देता है और इसकी भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकती है।
उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध और चरणबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता और मरीजों की सुविधा में सुधार लाने में सहायक होंगे।
बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री धनराजू एस और अपर संचालक श्री मनोज कुमार सरियाम उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएं और भर्ती प्रक्रिया में बाधा डालने वाले किसी भी अड़चन को शीघ्र हल किया जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के निर्देशों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी और सुधार लाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। लंबित भर्तियों को शीघ्र पूर्ण करने और स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की कमी को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस समीक्षा बैठक ने प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने और मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में एक नया संदेश दिया है।
