महोत्सव को लेकर दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। वहीं जिला प्रशासन ने आयोजन की सफलता के लिए सैकड़ों की संख्या में अधिकारियों और पुलिस बल तैनात किया है, इसके अलावा विठलेश सेवा समिति ने भी यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के भोजन और अन्य व्यवस्था के लिए 12 सौ से अधिक सेवादार सेवा के लिए व्यवस्था की है। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा आदि ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की।
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने गुरुवार को बताया कि सात दिवसीय ऐतिहासिक रुद्राक्ष महोत्सव आयोजित होगा। इसमें दुनिया भर के शिवभक्त शामिल होंगे। इस महोत्सव को लेकर शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला हाउस फुल हैं। शहर में भी सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धालुओं के ठहराने की व्यवस्था की है। नगर के अनेक मंदिर और संगठन ऐसे है जिन्होंने गत दिनों कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा का संकल्प निस्वार्थ रूप से लिया था। पूर्व में कांवडा यात्रा के दौरान भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए पूरे एक माह तक भोजन, पेयजल और चाय-नाश्ते आदि की व्यवस्था की गई थी, इसी तर्ज पर पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं की सेवा के लिए तैयार है।
इस आयोजन के लिए जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। कथा के लिए स्थाई रूप से एक लाख 80 हजार स्कावर फीट का पंडाल तैयार किया गया है। अनुमान के मुताबिक, करीब एक लाख श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा भी तीन पंडाल लगाए गए है ताकि किसी को भी खुले आसमान के नीचे बैठकर कथा सुनने को मजबूर न होना पड़े। आयोजन स्थल पर ऐसी तैयारियां की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी न उठाना पड़े।
चाक-चौबंद व्यवस्था बनाने में जुटा प्रशासन
उन्होंने कहा कि चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में स्थित कार्यक्रम स्थल तक के रास्ते पर सभी आवश्यक व्यवस्था करने के लिए एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा चुके है। कार्यक्रम स्थल पर चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए अधिकारियों को कहा गया। उन्होंने बताया कि इस साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु भव्य महोत्सव में शामिल होंगे। जिसको लेकर प्रशासन व्यवस्था पूरी कर चुका है।
महाराष्ट्र से आ रहे हैं 500 से अधिक स्वयंसेवक, अखंड हिंद फौज बालक-बालिका भी रहेंगे तैनातमध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आयोजित भव्य शिवपुराण कथा और रुद्राक्ष महोत्सव 2026 के लिए सेवाभावी सदस्यों का उत्साह चरम पर है। आगामी 14 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में देश के विभिन्न कोनों से भक्तों का तांता लगेगा, जिनकी सुविधा और सेवा के लिए महाराष्ट्र से एक विशाल जत्था रवाना हो रहा है। सेवा ही परम धर्म का संकल्प ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यंÓ सेवाभावी ग्रुप संस्था के अध्यक्ष देविदास पाटिल और उपाध्यक्ष राजेंद्र सोनवणे के कुशल मार्गदर्शन में मालेगांव, नासिक और जलगांव सहित महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से 500 से अधिक सदस्य सीहोर पहुंचेंगे। संस्था का मूल मंत्र ‘सेवा ही परम धर्मÓ है, जिसके तहत ये सदस्य निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं प्रदान करते हैं।
विशेषताएं और व्यवस्थाएं:-स्वयं का खर्च इस ग्रुप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सभी सदस्य अपने व्यक्तिगत खर्च पर कथा स्थल तक यात्रा करते हैं।अनुशासन: ग्रुप का एक निर्धारित ड्रेस कोड है, जिससे सेवा कार्य में एकरूपता और अनुशासन बना रहता है।बड़ा नेटवक:र् वर्तमान में इस संस्था से महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों के 1,000 से अधिक सदस्य जुड़ चुके हैं।
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा बाची जाने वाली इस शिवपुराण कथा में सेवा देने के लिए मालेगांव के सदस्यों में विशेष उत्साह है। ग्रुप के पदाधिकारियों—सचिव कुणाल भावसार, सेक्रेटरी ऋषिकेश भंडारी, सदस्य जनार्दन धनवटे और पत्रकार प्रा. दिलीप एस. सोनवणे ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सहायता के लिए ग्रुप पूरी तरह तैयार है।
