टीकमगढ़ । टीकमगढ़ जिले में एक और रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है, जहां कोतवाली थाना में पदस्थ एक आरक्षक पंकज यादव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। घटना के दौरान जब लोकायुक्त की टीम ने आरक्षक को घेरने की कोशिश की तो वह मौके से भाग निकला। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
घटना का विवरण
यह मामला एक जमानत नोटिस से जुड़ा था जिसमें टीकमगढ़ के अंकित तिवारी को एससी-एसटी एक्ट के तहत जमानत दिलाने के एवज में कोतवाली के आरक्षक पंकज यादव ने 20,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पहले 8,000 रुपये अंकित तिवारी ने दे दिए थे, लेकिन शेष 12,000 रुपये देने के लिए गुरुवार रात 1 बजे का समय तय हुआ था।
अंकित तिवारी ने लोकायुक्त पुलिस सागर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और उनके साथ मिलकर पूरी घटना को रिकॉर्ड किया। इस प्रकार जब 12,000 रुपये की रिश्वत देने का समय आया, तो अंकित तिवारी अपनी कार में बैठे पंकज यादव को पैसे देने गया। जैसे ही लोकायुक्त की टीम ने कार के दरवाजे खोले और अपनी पहचान बताई, आरक्षक ने एक मिनट रुकने के बाद लोकायुक्त टीम को धक्का देते हुए भागने की कोशिश की। हालांकि लोकायुक्त टीम के हाथ उसकी जैकेट और कार लग गई। आरक्षक मौके से फरार हो गया और लोकायुक्त टीम ने उसकी कार को जब्त कर लिया।
टीआई का नाम भी जुड़ा
लोकायुक्त टीम ने घटनास्थल पर पहुंचे कोतवाली टीआई बृजेन्द्र चाचौदिया की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी प्राप्त की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि टीआई भी इस मामले में शामिल थे। इसलिए उनके खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस तरह कोतवाली टीआई और आरक्षक दोनों पर जांच शुरू हो गई है।
टीकमगढ़ पुलिस महकमे में हड़कंप
यह तीसरी बार है जब लोकायुक्त पुलिस ने टीकमगढ़ जिले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इससे पहले भी सिटी कोतवाली में दो घटनाएं सामने आई थीं, जो पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं। इन लगातार मामलों ने पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोकायुक्त की कार्रवाई
लोकायुक्त की सागर टीम ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। उन्होंने पहले पूरी बातचीत रिकॉर्ड की और फिर आरक्षक के कार में पैसे देने का समय तय किया। जब लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ा तो आरक्षक ने भागने की कोशिश की लेकिन उसकी जैकेट और कार जब्त कर ली गई। इस घटना ने टीकमगढ़ पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार के मुद्दे को एक बार फिर से उजागर किया है। अब लोकायुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
