भोपाल । भोपाल की एक विशेष अदालत ने एक महिला को फर्जी हिंदू नाम बताकर झांसे में लेने दुष्कर्म करने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने के दोषी मोहम्मद अकरम को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। गुरुवार को सुनाए गए इस फैसले में कोर्ट ने माना कि आरोपी ने यह अपराध एक सोची-समझी आपराधिक साज़िश के तहत किया था।
पूरा मामला क्या था
यह घटना अक्टूबर 2022 में एमपी नगर थाना क्षेत्र में हुई थी। पीड़िता जो अपने घर के लिए पेंटर की तलाश कर रही थी उसने गलती से आरोपी मोहम्मद अकरम के मोबाइल नंबर पर कॉल कर दिया था। इसी गलती का फायदा उठाकर अकरम ने महिला को लगातार वॉट्सऐप मैसेज भेजना शुरू कर दिया।
पहचान का धोखा आरोपी ने खुद को अमर कुशवाहा नाम का हिंदू युवक बताया और महिला का विश्वास जीतने के लिए खुद की तिलक लगी हुई तस्वीरें भी भेजीं। झांसे में लेना फर्जी पहचान के सहारे उसने महिला को नौकरी दिलाने का झांसा दिया। दुष्कर्म की वारदात झांसे में फंसाकर अकरम महिला को बोर्ड ऑफिस ले गया और फिर बहाने से कान्हा होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
धर्म परिवर्तन का दबाव और धमकी
दुष्कर्म करने के बाद अकरम ने अपना असली नाम मोहम्मद अकरम बताया। उसने महिला को धमकी देते हुए कहा मेरा असली नाम मोहम्मद अकरम है। मैंने तुम्हें देखते ही ठान लिया था कि तुम्हारा धर्म परिवर्तन कराकर तुम्हें अपनी बेगम बनाऊंगा। इसलिए मजबूर करने के लिए यह किया। उसने पीड़िता को यह बात किसी को बताने पर उसके बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी।
कोर्ट का कड़ा रुख
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रीति श्रीवास्तव ने इस मामले की पैरवी की। कोर्ट में यह सिद्ध किया गया कि आरोपी ने शुरू से ही महिला को धोखे में रखने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के बाद अपराध किया था। विशेष न्यायाधीश ने इस गंभीर धोखाधड़ी और आपराधिक इरादे को ध्यान में रखते हुए मोहम्मद अकरम को 10 साल के कठोर कारावास की सजा और जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
