तापमान की बात करें तो रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4 डिग्री, धार, मंडला और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, रीवा और टीकमगढ़ में 39.5 डिग्री, खरगोन में 39.2 डिग्री, जबकि रायसेन, छिंदवाड़ा, उमरिया, सतना और मलाजखंड में तापमान 39 डिग्री के आसपास रहा। बैतूल और सागर में 38.8 डिग्री, गुना और शाजापुर में 38.4 डिग्री, नौगांव में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री तथा सिवनी और सीधी में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश के बड़े शहरों में इंदौर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव कमजोर रहेगा। इससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी।
गर्मी से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं। कोई चेहरे को कपड़े से ढंककर बाहर निकल रहा है, तो कोई गन्ने का जूस, ठंडे पेय और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में तेज धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
वहीं, 16 अप्रैल से प्रदेश के धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, उसी तरह अप्रैल और मई गर्मी के सबसे प्रभावी महीने होते हैं, जिनमें अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है।
