मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास और शाजापुर में बारिश हो सकती है।
हवा की रफ्तार भी तेज रहने वाली है। छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का अनुमान है, जबकि अन्य जिलों में यह रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।
बुधवार को भी कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जबकि सीहोर में आंधी के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदला रहा।
बारिश के बीच गर्मी का असर भी बना हुआ है। नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.6 डिग्री और रायसेन, दमोह व सागर में 38 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 38.4 डिग्री, भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री और उज्जैन में 35.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय हैं, जिसके चलते आंधी, बारिश और ओलों की स्थिति बनी हुई है। साथ ही प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती सिस्टम भी प्रभावी हैं।
अप्रैल के पहले सप्ताह में मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिससे 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश की स्थिति बन सकती है। इसके बाद मौसम साफ होने के साथ गर्मी का दौर तेज हो जाएगा।
महीने के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी, जबकि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दक्षिणी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं के चलते भीषण गर्मी पड़ने के आसार हैं।
