घटना हीरा भूमिया मंदिर के पास स्थित टेंट व्यवसायी अवधेश सिंह यादव के गोदाम की बताई जा रही है। अवधेश शादी समारोहों में टेंट और डेकोरेशन का काम करते हैं और उनका पूरा सामान इसी गोदाम में रखा था। बताया गया कि होलिका अष्टक के चलते विवाह समारोह फिलहाल बंद थे, इसलिए अलग-अलग स्थानों से लाया गया सारा टेंट और सजावटी सामान एक ही जगह स्टोर कर दिया गया था।
रात करीब 2 से 3 बजे के बीच अचानक आग भड़क उठी। जब तक लोगों को जानकारी मिली, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही सात दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन संकरी गलियों के कारण उन्हें गोदाम तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
आग इतनी भीषण थी कि चारों ओर से पानी डालने के बावजूद काबू में नहीं आ रही थी। अंततः दमकल कर्मियों को गोदाम की दीवार तोड़नी पड़ी, ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके। टेंट का कपड़ा, प्लास्टिक और डेकोरेशन में इस्तेमाल होने वाली वायरिंग के कारण आग तेजी से फैलती रही। करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद सुबह लगभग 7 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
घटना में गोदाम में रखा टेंट, सजावटी सामग्री, सीजन के लिए खरीदा गया नया सामान, एक लोडिंग वाहन और एक बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गए। गोदाम मालिक के अनुसार कुल मिलाकर करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि आग रिहायशी इलाके तक नहीं फैली। यदि लपटें आसपास के मकानों तक पहुंच जातीं, तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल कर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा नुकसान टल गया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद ही आग के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन इस घटना ने घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
