परियोजना का दायरा
इस रेल लाइन के लिए 454 हेक्टेयर वनभूमि का उपयोग किया जाएगा।
निर्माण क्षेत्र में कुल 1 लाख 34 हजार पेड़ों की कटाई होगी, जबकि करीब 17 हजार पेड़ों को संरक्षित किया जाएगा।
परियोजना के तहत करीब 20 किलोमीटर के हिस्से में 16 सुरंगों का निर्माण किया जाएगा।
मुख्य सुरंगें
बड़िया से बेका के बीच: 4.1 किमी लंबी सुरंग
चोरल से मुख्तियार बलवाड़ा के बीच: 2.2 किमी सुरंग
राजपुर के पास: 1.6 किमी लंबी सुरंग
इसके अलावा 13 छोटी सुरंगें 12.1 किमी क्षेत्र में बनाई जाएंगी।
निर्माण और स्वीकृति
परियोजना के निर्माण कार्य की अस्थायी अनुमति 10 मार्च 2026 से 9 जून 2026 तक दी गई है।
सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि वन भूमि उपयोग की आवश्यक सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है।
रेलवे को निर्देश दिए गए हैं कि यदि पुरानी रेल लाइन आगे उपयोग में नहीं आएगी, तो उसे हटाकर जमीन वन विभाग को लौटाई जाए और ग्रीन रेलवे कॉरिडोर प्रबंधन योजना तैयार की जाए।यह परियोजना इंदौर सहित पूरे मालवा और निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए अहम मानी जा रही है।
