धार । मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील भोजशाला परिसर में ‘वसंत पंचमी’ का महापर्व इस बार आपसी सौहार्द और कड़े सुरक्षा घेरे के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पिछले कई दिनों से बिना सोए दिन-रात तनावपूर्ण ड्यूटी कर रहे करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों ने जब शनिवार को राहत की सांस ली, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपनी कर्तव्यनिष्ठा की अग्निपरीक्षा में पास होने के बाद पुलिस लाइन में आयोजित एक भोज के दौरान जवानों का मानवीय और खुशनुमा चेहरा सामने आया, जहां वे फिल्मी गानों पर जमकर थिरकते नजर आए।
खाकी का तनावमुक्त अवतार: ड्यूटी के बाद ‘डांस’ का तड़का
शुक्रवार को भोजशाला में पूजा और नमाज का संयोग एक ही दिन था, जिसे लेकर प्रशासन और पुलिस पर भारी दबाव था। स्थानीय पुलिस से लेकर केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 7,000 से 8,000 जवानों ने शहर के चप्पे-चप्पे पर पहरा दिया। लगातार फ्लैग मार्च और बिना ब्रेक के की गई ड्यूटी के बाद शनिवार को धार पुलिस लाइन में इन जवानों के लिए ‘विशेष भोज’ का आयोजन किया गया था।अनायास बना जश्न का माहौल: रक्षित निरीक्षक पुरुषोत्तम विश्नोई के अनुसार, विभाग की ओर से केवल भोजन की व्यवस्था थी, लेकिन ड्यूटी आवंटन के लिए लगे स्पीकर्स पर जैसे ही संगीत बजा, जवानों ने अपनी थकान मिटाने के लिए डांस करना शुरू कर दिया।सोशल मीडिया पर वायरल: वर्दी में जवानों के इस डांस का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग पुलिसकर्मियों के इस तनावमुक्ति के तरीके और उनकी कड़ी मेहनत की जमकर सराहना कर रहे हैं।
शांतिपूर्ण आयोजन: एक बड़ी उपलब्धि
भोजशाला विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार की चुनौती बड़ी थी। पुलिस बल ने जिस धैर्य और अनुशासन के साथ हजारों की भीड़ को नियंत्रित किया, उसने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की एक मिसाल पेश की है। दिन-रात की कठिन ड्यूटी और फ्लैग मार्च के बाद जब जिम्मेदारी सफलतापूर्वक पूरी हुई, तो जवानों का यह उत्साह स्वाभाविक था। यह उनके मानसिक तनाव को कम करने की एक सकारात्मक पहल है। स्थानीय अधिकारी
मानवीय पक्ष की प्रशंसा
अक्सर पुलिस का सख्त चेहरा ही सामने आता है, लेकिन धार का यह वीडियो दिखाता है कि वर्दी के पीछे भी एक इंसान है, जिसे लंबी थकान के बाद मुस्कुराने और थिरकने का पूरा हक है। शहरवासियों ने भी पुलिस की इस भूमिका की प्रशंसा की है, क्योंकि उनकी सजगता के कारण ही शहर में शांति और भाईचारा बना रहा।
