वारदात: बेटे के जन्म की खुशी और खूनी अंत
लवकुश माहौर गुजरात के सूरत में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था। करीब 16 दिन पहले उसके घर में बेटे का जन्म हुआ, जिसकी खुशी मनाने वह अपने गांव सिहोनिया आया था। वह होली का त्योहार मनाकर वापस सूरत जाने की तैयारी में था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसके घर में ही उसकी मौत का जाल बुना जा चुका है।
खौफनाक रात: 3 मार्च की रात करीब 3 बजे, जब लवकुश गहरी नींद में था, पड़ोसी विक्रम परमार कमरे में दाखिल हुआ और बेहद करीब से लवकुश को गोली मार दी।वारदात के बाद विक्रम फरार हो गया, जबकि पत्नी राखी ने शोर मचाते हुए यह कहानी रची कि लवकुश ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है।
मोबाइल चैट ने खोला ‘बेवफाई’ का राज
पुलिस को शुरुआत से ही पत्नी के बयानों पर संदेह था। एसडीओपी विजय भदौरिया के नेतृत्व में जब जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस ने राखी का मोबाइल खंगाला।
साजिश के सबूत: मोबाइल में पड़ोसी विक्रम परमार के साथ राखी की लंबी बातचीत और हत्या की प्लानिंग से जुड़ी चैट्स मिलीं। कड़ाई से पूछताछ करने पर राखी टूट गई और उसने स्वीकार किया कि लवकुश उनके प्रेम संबंधों में कांटा बन रहा था, इसलिए उसे रास्ते से हटाने के लिए विक्रम के साथ मिलकर यह साजिश रची।
जनाक्रोश और पुलिस की मुस्तैदी
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने लवकुश की मौत को संदिग्ध बताते हुए नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया था। लोगों की मांग थी कि असली कातिलों को पकड़ा जाए। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और डिजिटल फॉरेंसिक (मोबाइल चैट) के आधार पर 4 दिन के भीतर कातिल पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।
यह घटना समाज की गिरती नैतिक मर्यादाओं का उदाहरण है; जहाँ एक तरफ पालने में 16 दिन का मासूम सो रहा था, वहीं दूसरी तरफ उसकी माँ अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसके पिता की हत्या की पटकथा लिख रही थी।
मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)
मुरैना हत्याकांड, सिहोनिया न्यूज़, लवकुश माहौर मर्डर, पत्नी ने की पति की हत्या, अवैध संबंध, मोबाइल चैट से खुलासा, एमपी पुलिस, 16 दिन का नवजात, ग्वालियर-चंबल क्राइम, विक्रम परमार गिरफ्तार।
