मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, लेकिन इसका असर कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में अब तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा। तापमान बढ़ने के साथ ही लोग गर्मी से राहत पाने के उपाय अपनाने लगे हैं। कोई चेहरे को कपड़े से ढंककर बाहर निकल रहा है, तो कोई गन्ने का रस, कोल्ड्रिंक और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है।
गर्मी बढ़ने के चलते मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर में तेज धूप से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही हल्के रंग और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
तापमान की बात करें तो शुक्रवार को नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रतलाम में 38.6 डिग्री और खरगोन में 38 डिग्री तापमान रहा। इसके अलावा धार, खंडवा, नरसिंहपुर और खजुराहो में पारा 36 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 35.5 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल और जबलपुर में 34.6 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री और ग्वालियर में 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
गौरतलब है कि इस बार अप्रैल की शुरुआत में भीषण गर्मी की बजाय आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर रहा। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 15 से अधिक जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि करीब 45 जिलों में बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त प्रमुख महीने होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई अहम माने जाते हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तेज गर्मी का असर अधिक देखने को मिलता है।
