नर्मदापुरम 02,दिसम्बर,2025(हिन्द संतरी ) करोड़ों रूपये की डूबतऋण राशि की वसूली समर्थन मूल्य खरीदी की लिंकिग से न कर पाने तथा अपनी वित्तीय स्थिति की डावाडौल नैया के रहते समितियों को लिमिट तक उपलब्ध न करा पा रही जिला सहकारी बैंक के आगामी वर्ष 2026-27 के फसल ऋणमान के निर्धारण हेतु जिला स्तरीय तकनीकी समूह की बैठक बैंक की प्रशासक एवं कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमे बैंक के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनयप्रकाश सिंह जो विदिशा बैंक के भी सीईओ है इस बैठक में संयोजक के रूप में उपस्थित रहे।
मजेदार बात यह रही की बैंक की प्रशासक पदेन कलेक्टर सुश्री मीना ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित फसल ऋणमान, वर्ष 2025-26 हेतु राज्य स्तरीय तकनीकी समूह द्वारा निर्धारित ऋणमान से कम नहीं होने की बात कही लेकिन उन्होंने बैंक की वित्तीय गिरती वित्तीय स्थिति को सँभालने तथा जिले की समितियों को किये जाने वाले कार्यों खादबीज आदि हेतु ऋण उपलब्ध कराये जाने हेतु उन्हें बैंक से मिलने वाली लिमिट के बंद होने से समितिओं की बिगडती दशा पर ध्यान नहीं दिया,उलटे संबंधित विभागों को फसल ऋणमान के निर्धारण में आवश्यक तकनीकी परीक्षण, मूल्यांकन एवं औचित्य का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए, जो मात्र एक ओपचारिकता भर है ।
बैठक के दौरान कलेक्टर सुश्री मीना द्वारा निर्देशित किया गया कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से संबद्ध सहकारी समितियों के पुराने कालातीत सदस्यों की वसूली आगामी नेशनल लोक अदालत 13 दिसम्बर 2025 के माध्यम से कराई जाएगी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु उपायुक्त सहकारिता, जिला नर्मदापुरम तथा जिला बैंक नर्मदापुरम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया गया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, नाबार्ड, उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विभाग जे आर हेडाउ, उपायुक्त सहकारिता श्री शिवम मिश्रा, सहायक संचालक मत्स्य विभाग वीरेन्द्र चौहान, उप संचालक पशुपालन विभाग सहित बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे।
