
2 की वित्तीय सहायता स्वीकृति हेतु अनुशंसा की गई
नर्मदापुरम 27,दिसंबर,2025(हिन्द संतरी) नीलेश यादव | कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में जिला स्तर पर गठित जिला स्तरीय निगरानी समिति द्वारा केन्द्रीय जेल नर्मदापुरम में आर्थिक रूप से कमजोर परिरुद्ध बंदी जिनके द्वारा मूल सजा पूर्ण करने के उपरांत जुर्माना की राशि अदा न करने के अथवा विधिक सहायता के माध्यम से जमानत आदेश होने के बाद भी जमानत राशि भरने में असक्षम होने पर ऐसे बंदियों को “गरीब कैदियों हेतु सहायता योजना” अंतर्गत बंधिया को रिया किया गया है तथा वित्तीय सहायता स्वीकृत के लिए अनुशंसा कर राज्य स्तरीय समिति को भेजा गया है।
जेल अधीक्षक केंद्रीय जेल नर्मदापुरम से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 से 2025 तक 05 दण्डित बंदियों को जिला स्तरीय निगरानी समिति द्वारा वित्तीय सहायता राशि स्वीकृत की गई है जिनमे से 04 बंदियों को रिहा किया गया है। जबकि एक और बंदी की स्वीकृति राज्य स्तर से की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 02 दण्डित बंदियों को वित्तीय सहायता स्वीकृति हेतु अनुशंसा की जाकर राज्य स्तरीय समिति को भेजा गया है।
उल्लेखनीय है कि देश की जेलों में बन्द गरीब कैदियों की आर्थिक स्थिति के चलते जुर्माना अदा न कर पाने अथवा जमानत राशि वहन न करने के कारण जेल में बंद है, ऐसे बंदियों का राहत देने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने हेतु प्रमुख सचिव गृह विभाग भारत सरकार के द्वारा सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को “गरीब कैदियों हेतु सहायता योजना” अंतर्गत दिशा-निर्देश व मानक संचालन प्रक्रिया जारी कर योजना के क्रियान्वयन करने के निर्देश दिये गये। गरीब कैदियों हेतु सहायता योजनांतर्गत राज्य स्तर पर प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। जबकि जिले में जिला स्तर समिति पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी इस समिति के अध्यक्ष होंगे।
