
नर्मदापुरम 12,जनवरी,2026(हिन्द संतरी ) स्वामी विवेकानंद के जन्म जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष देश एवं प्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। सोमवार को सूर्य नमस्कार का भव्य कार्यक्रम नर्मदा महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों एवं 25 स्कूलों के लगभग 3000 छात्र-छात्राओं ने सूर्य नमस्कार के 12 आसनों और तीन चक्र का अभ्यास किया। योग गुरु नरेंद्र गुरु जी ने सभी को सामूहिक सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। आकाशवाणी से राष्ट्रगीत वंदे मातरम तथा स्वामी विवेकानंद के शिकागो धर्म सभा में दिए गए उद्बोधन का प्रसारण किया गया। भोपाल में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि सूर्य नमस्कार व्यक्तित्व के साथ चरित्र निर्माण को भी निखारता है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से कहा कि वह पाठ्य पुस्तक पढ़ने की आदत डालें, पर्यावरण का संरक्षण करें, अधिक से अधिक पेड़ लगाए। हर प्रकार के नशे से दूर रहें। जंक फूड से दूर रहें। सूर्य नमस्कार को अपने दैनिक दिनचर्या का एक अंग बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्य नमस्कार निराशा को दूर कर मन को आशा से भर देता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में जो कहा वह गीता के ही शब्दों का उद्बोधन था। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने सभी से कहा कि अपने जीवन में प्रत्येक क्षण आनंद से जिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार आगे बढ़ रहा है और हमारी संस्कृति एवं धर्म की रक्षा हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को अपनी संस्कृति एवं धर्म पर पर गर्व होना चाहिए।
नर्मदापुरम जिले के पीएम श्री नर्मदा महाविद्यालय के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने भी छात्र-छात्राओं के साथ सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया। उन्होंने इस अवसर पर सभी को प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करने की समझाइश दी व श्रीमती नारोलिया ने कहा कि हम सूर्य नमस्कार को प्रतिदिन अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें, इससे मन और मस्तिष्क तथा शरीर स्वस्थ रहता है। योग की एक कड़ी में सूर्य नमस्कार का भी एक बिंदु सम्मिलित रहता है। उन्होंने शिक्षा विभाग के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहां की आज सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम में शामिल हुए हैं जिससे एक विहंगम एवं मनोहारी दृश्य उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि नित्य प्रति सूर्य नमस्कार करने से शरीर में स्फूर्ति एवं मन में संतोष बना रहता है और यह दिनभर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित करता है। सूर्य नमस्कार करने से जीवन में सक्रियता एवं गति बनी रहती है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर राजीव रंजन पांडे, अनिल जैन बृजेंद्र रावत सहित प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षक गणों ने भी सूर्य अभ्यास के कार्यक्रम में शामिल होकर सूर्य नमस्कार का सामूहिक अभ्यास किया। वंदे मातरम गायन के पश्चात ही सूर्य नमस्कार का अभ्यास प्रारंभ हुआ। सर्वप्रथम स्कंद संचालन एवं ग्रीवा संचालन का अभ्यास कराया गया। योग गुरु नरेंद्र गुरु जी ने सभी छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित लोगों से सूर्य नमस्कार के 12 अभ्यास प्रणामासन जिसमें प्रार्थना की मुद्रा में खड़े होना, हस्त उत्तानासन हाथों को उठाकर पीछे झुकना। उत्तानासन आगे झुक कर हाथों से पैरों को छूना, अश्व संचालनासन एक पैर पीछे ले जाकर घुटने को जमीन पर रखना (घोड़ा चाल) दंडासन जिसमें शरीर को सीधा रखना, अष्टांग नमस्कार घुटनों छाती और ठुठी को जमीन पर छूना किया गया तत्पश्चात भुजंगासन छाती को ऊपर उठकर कोबरा की तरह दिखना (सांप की मुद्रा)। पर्वतासन जिसमें कूल्हों को ऊपर उठाकर उल्टा वी आकार बनाना। अश्व संचालनासन पिछले पैर को आगे लाना और रीढ़ मोड़ना, उत्तानासन दूसरे पैर को आगे लाकर झुकाना। हस्त उत्तानासन हाथों को ऊपर उठकर पीछे झुकना। प्रणामासन वापस प्रारंभिक प्रार्थना मुद्रा में आना का अभ्यास किया गया। भ्रामरी प्राणायाम भी किया गया। हर आसन के साथ सांस लेने और छोड़ने की क्रिया का अभ्यास भी किया गया। अनुलोम और विलोम का अभ्यास कराया। अंत में राष्ट्रगान के साथ सूर्य नमस्कार का कार्यक्रम संपन्न किया गया। कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात सभी छात्र-छात्राओं को सल्पाहर भी दिया गया। कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी श्री एलएन प्रजापति ने किया।
सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य अवनीश त्रिपाठी, एसडीओपी जितेंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह संयुक्त संचालक लोक स्वास्थ्य लोक शिक्षण मनीष वर्मा जिला शिक्षा अधिकारी एल एन प्रजापति डीपीसी राजेश जायसवाल, प्राचार्य संदीप शुक्ला श्रीमती साधना बिल्थरे सहित शिक्षक गण एवं अधिकारी गण उपस्थित रहे।
