
नर्मदापुरम 20,फरवरी,2026(हिन्द संतरी के लिए नीलेश यादव माखननगर ) बाल श्रम की पहचान एवं विमुक्ति की कार्रवाई के उद्देश्य से बुधवार को सोहागपुर मे स्थित ढाबा-होटल एवं अन्य व्यावसायिक संस्थानों, गेरेजो में संयुक्त जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान श्रम विभाग के नेतृत्व में पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के सहयोग से संचालित किया गया। अभियान के दौरान संस्थानों में बाल श्रम रोकथाम संबंधी स्टीकर लगाए गए तथा नियोजकों को बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई।
निरीक्षण के समय यह स्पष्ट किया गया कि 14 वर्ष तक के बालकों का किसी भी प्रकार के कार्यों में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। साथ ही 14 से 18 वर्ष तक के किशोरों को खतरनाक श्रेणी के कार्यों जैसे खाने,ज्वलनशील पदार्थों, विस्फोटकों एवं अन्य परिसंकटमय प्रक्रियाओं में नियोजन करना कानूनन अपराध है। श्रम निरीक्षक श्रीमती ज्योति अय्यर द्वारा बताया गया कि बालक के किसी भी संस्थान में नियोजन एवं किशोर श्रमिकों का खतरनाक उद्योगों में नियोजन संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। उल्लंघन पाए जाने पर दोषी नियोजक को न्यूनतम छह माह से अधिकतम दो वर्ष तक का कारावास अथवा न्यूनतम 20 हज़ार रुपए से अधिकतम 50 हज़ार रुपए तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जाने का प्रावधान है।
भ्रमण के दौरान गैरेज मे किशोर श्रमिक कार्यरत पाए जाने पर अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की गई। इस दौरान शिक्षा विभाग से बीआरसी राकेश रघुवंशी एवं जनशिक्षक राजेश कुमार दीक्षित, स्पेशल किशोर पुलिस इकाई से एएसआई श्रीमती ललिता मेहरा एवं आरक्षक रोहित, महिला एवं बाल विकास विभाग से पर्यवेक्षक श्रीमती रेखा तिवारी, कार्यकर्ता शीमती सविता ताम्रवंशी एवं पुलिस विभाग से आरक्षक उपस्थित रहे।
