नर्मदापुरम 29,नवंबर, 2025 (हिन्द संतरी)भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार नर्मदापुरम जिले में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य निरंतर प्रगति पर है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री सोनिया मीना द्वारा एसआईआर 2026 की नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है। शनिवार को कलेक्टर सुश्री मीना जनपद पंचायत सभागार नर्मदापुरम पहुंचीं, जहां उन्होंने एसआईआर के तहत संचालित गतिविधियों एवं मतदाता गणना पत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बैठक लेकर ईआरओ/एईआरओ, बीएलओ सुपरवाइजर एवं बीएलओ सहित समस्त अमले को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में एसडीएम एवं निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी जय सोलंकी, सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह, एनएलएमटी पंकज दुबे सहित निर्वाचन कार्य में संलग्न अमला उपस्थित रहा।
कलेक्टर ने एसडीएम, ईआरओ एवं एईआरओ को निर्देश दिए कि जिन मतदान केंद्रों पर डिजिटाइजेशन एवं मैपिंग की प्रगति कम है, वहां व्यक्तिगत रूप से जाकर समस्याओं का अवलोकन करें तथा शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी बीएलओ सुपरवाइजर आगामी दो दिनों में शत-प्रतिशत कार्य निपटाने का लक्ष्य लेकर कार्य करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अगले दो दिनों तक स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार एवं मुनादी करवाई जाए, ताकि मतदाता गणना प्रपत्रों को भरकर बीएलओ के पास जमा कराने की प्रक्रिया तेज हो सके। कलेक्टर ने एईआरओ को बीएलओ सुपरवाइजर एवं बीएलओ के कार्यों का निरंतर पर्यवेक्षण करने के निर्देश देते हुए पुनरीक्षण कार्य को समयसीमा में एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने निर्देश दिए की ईआरओ जिले, राज्य या देश के अन्य हिस्सों के ईआरओ से संपर्क कर स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं की मैपिंग/समस्याओं का निराकरण कराएं।
बैठक उपरांत मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य की प्रगति का आकलन करते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुश्री सोनिया मीना ने विधानसभा होशंगाबाद अंतर्गत विभिन्न शहरी मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने केंद्र क्रमांक 106, 107, 108, 112 एवं 113 का भ्रमण कर वहां की स्थिति का जायजा लिया तथा बीएलओ एवं बीएलओ सुपरवाइजर से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि इन मतदान केंद्रों में मतदाताओं के अधिक माइग्रेशन के कारण डिजिटाइजेशन एवं मैपिंग की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि एएसडी श्रेणी के मतदाताओं का घर-घर जाकर मोका सत्यापन (Field Verification) अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी मतदाता को नो मैपिंग कैटेगरी में तब तक दर्ज न किया जाए जब तक उनकी जानकारी का पूर्णतः सत्यापन न हो जाए। जो मतदाता अपने निवास स्थान से स्थानांतरित हो चुके हैं, उनसे दूरभाष या अन्य उपलब्ध माध्यमों से संपर्क स्थापित कर उनकी स्थिति की पुष्टि की जाए। जो मतदाता जिले राज्य या देश के किसी अन्य हिस्से में स्थानांतरित हो चुके हैं उनसे व्यक्तिगत संवाद कर अथवा मतदाता के संबंधित विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ से भी संपर्क कर उनकी मैपिंग करवाई जाए।
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्रयास करें कि रविवार शाम तक शहरी क्षेत्र का कोई भी मतदान केंद्र डिजिटाइजेशन में अपूर्ण न रहे। उन्होंने कहा कि यदि बीएलओ या सुपरवाइजर को किसी भी प्रकार की समस्या या अतिरिक्त मानव संसाधन की आवश्यकता हो, तो तुरंत संबंधित एईआरओ या ईआरओ को सूचित करें। मौके पर उपस्थित एसडीएम एवं सिटी मजिस्ट्रेट को कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिन बूथों पर मैपिंग एवं डिजिटाइजेशन की प्रगति कम है, वहां पर कार्य पूर्ण कर चुके बीएलओ, सुपरवाइजर, सेक्टर अधिकारियों की प्रशिक्षित एवं कुशल टीम तैनात की जाए, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्र का शीघ्र कवरेज किया जा सके।
उन्होंने बड़े मतदान केंद्रों में भी अतिरिक्त मानव संसाधन लगाने तथा घर-घर सर्वे कर मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित एवं अपूर्ण गणना प्रपत्रों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सुश्री मीना ने समस्त अमले को निर्देशित किया कि किसी भी मतदाता की जानकारी नो मैपिंग अथवा एएसडी श्रेणी में फीड करने से पूर्व पर्याप्त रूप से घर घर सर्वे एवं सत्यापन सुनिश्चित करें। साथ ही रविवार शाम तक शत प्रतिशत कार्य पूर्ति का लक्ष्य निर्धारित करें। मतदान केंद्रों के भ्रमण के दौरान मतदान केंद्र पर राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, विकास नारोलिया, रूपेश राजपूत, एसडीएम जय सोलंकी, सिटी मजिस्ट्रेट श्री देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
