नर्मदापुरम 24,मार्च,2026(हिन्द संतरी )भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा लोकसभा में अतारांकित प्रश्न क्रमांक 4878 के उत्तर में तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयासों की जानकारी दी गई। यह प्रश्न होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी द्वारा पूछा गया था।
शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. सुकान्त मजूमदार ने अपने उत्तर में बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में भारतीय भाषाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक ठोस पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में देश के 9 राज्यों के 44 संस्थानों में कंप्यूटर साइंस, सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा एआई एवं मशीन लर्निंग जैसे विषयों में भारतीय भाषाओं में डिग्री एवं डिप्लोमा कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
तकनीकी शिक्षा को मातृभाषा में सुलभ बनाने के उद्देश्य से AICTE द्वारा 12 भारतीय भाषाओं में तकनीकी पुस्तकों के लेखन एवं अनुवाद का कार्य प्रारंभ किया गया है। ये पुस्तकें ‘ई-कुम्भ’ पोर्टल पर निःशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही ‘अनुवादिनी’ एप के माध्यम से तकनीकी विषयों की पुस्तकों का विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जा रहा है। भारतीय भाषाओं में शिक्षण एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने हेतु AICTE ने ‘वाणी’ (VANI) पहल शुरू की है, जिसके अंतर्गत संस्थानों को सेमिनार, कार्यशाला एवं सम्मेलन आयोजित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बजट 2025-26 में ‘भारतीय भाषा पुस्तक योजना’ का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत स्कूलों एवं उच्च शिक्षा के लिए पाठ्य सामग्री भारतीय भाषाओं में डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार के इन प्रयासों से तकनीकी शिक्षा में भारतीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ छात्रों और शिक्षकों के बीच जागरूकता, अनुसंधान गतिविधियों तथा तकनीकी दक्षता में भी सकारात्मक वृद्धि हो रही है।
