
नर्मदापुरम26, फरवरी,2026(हिन्द संतरी) मंगलवार को कैबिनेट बैठक के दौरान किसान एवं कृषि से सम्बद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 10500 करोड़ रुपये की लागत के पांच किसान हितैषी योजनाओं को अगले पांच साल तक निरंतर रखने को मंजूरी दी गई है। अब ये 5 योजनाएं 31 मार्च 2031 तक जारी रहेंगी और इसका सर्वाधिक लाभ मध्यप्रदेश के किसानों को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा दलहन फसल उड़द एवं तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। उड़द को भी तय समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी और किसानों को तय समर्थन मूल्य के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में सरसों का उत्पादन इस वर्ष 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इस वर्ष 3.38 मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन होने की संभावना है। शासन द्वारा सरसों की फसल को भावांतर योजना के दायरे में लाया जाएगा।
जिन 5 किसान हितैषी योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने का निर्णय मंत्री-परिषद की बैठक में लिया है, उनमें निम्न योजनाएं शामिल हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना
2008.683 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना की मंजूरी से कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति राज्य सरकार के माध्यम से की जा सकेगी।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप)
2393.97 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पर ड्रॉप मोर क्रॉप) की मंजूरी से किसानों को अपने खेतों में स्प्रिंकलर/ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने के लिए शासकीय अनुदान 31 मार्च 2031 तक निरंतर मिलता रहेगा। इस योजना से किसान के खेतों में माइक्रो इरीगेशन सुविधाओं में अगले 5 सालों तक लगातार विस्तार होता रहेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना
3285.49 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना को मंजूरी मिलने से ऐसे किसान, जो धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज, नगदी फसलों का पैदावार करते हैं, उन्हें क्षेत्र विस्तार, अपना उत्पादन बढ़ाने एवं मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग राज्य सरकार के जरिए निरंतर प्राप्त होता रहेगा।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग
1011.59 करोड़ रुपये की नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना की स्वीकृति से प्रदेश में प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार 31 मार्च 2031 तक निरंतर होता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती का विकास जरूरी है। यह न केवल मध्यप्रदेश की नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होगी, वरन् मिट्टी की उर्वरता में सुधार, उत्पादन बढ़ाने, पर्यावरण सुरक्षा एवं रसायन मुक्त खाद्य उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी।
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना
1793.87 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – ऑयल सीड योजना को मंजूरी मिलने से प्रदेश के ऐसे सभी किसानों को, जो तिलहन फसलों का उत्पादन करते हैं, उन्हें निरंतर लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि करीब 10500 करोड़ रुपए की बड़ी लागत वाली इन 5 किसान मित्र योजनाओं को अगले 5 सालों तक निरंतर रखने से किसानों के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। साथ ही रसायन युक्त उत्पादन से निजात पाने में भी ये योजनाएं बेहद सहायक सिद्ध होंगी।
