नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 10,अप्रैल,2026 (हिन्द संतरी ) किसानों से आग्रह किया है कि वह मूंग की जगह उड़द की खेती करें, उड़द की फसल लगाने पर शासन द्वारा बोनस 600 रुपए देने का भी प्रावधान किया गया है नर्मदा पुरम संभाग कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी ने सांभाग के किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु यह बात कही है । कमिश्नर ने कहा कि किसान प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर भी आकर्षित हो और प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने की और अग्रसर हो। उन्होंने फसल कटाई प्रयोग, मृदा परीक्षण, नरवाई का उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए।
बताया गया कि इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने के चलते गेहूं का बंपर उत्पादन होगा। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि कृषि विभाग के अधिकारी गण नरवाई जलने की घटनाओं की प्रभावी तरीके से रोकथाम करें। उन्होंने आगामी खरीफ की फसल के लिए भी अभी से सभी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही निर्देश दिए कि किसानों को प्रमाणिक बीज ही प्राप्त हो। किसी भी स्थिति में अमानक बीजों का वितरण किसानों को ना होने पाए। उल्लेखनीय है की कमिश्नर श्री तिवारी गुरुवार को कृषि विकास विभाग, सहकारिता विभाग, मत्स्य विभाग, उघानिकी विभाग, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक ले रहे थे। बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास श्री नवल मीणा सहित संभागीय अधिकारी गण उपस्थित रहे।
उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह किसानों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली सब्सिडी का लाभ अनिवार्य रूप से दिलाना सुनिश्चित करें। साथ ही सब्सिडी के संबंध में किसानों को अवगत भी कराते रहे। बताया गया की शीघ्र ही विभाग द्वारा ऋणी एवं अऋणी किसानों के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरो के माध्यम से उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। बताया गया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ाना देने के उद्देश्य से शासन द्वारा नर्मदा पुरम को 6 हजार, हरदा को 3750 और बैतूल को लगभग 6 हजार किसानों का लक्ष्य दिया था जिसे पूरा कर लिया गया है आज इतने किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया की नर्मदा पुरम, हरदा और बैतूल में राजस्व वसूली के प्रकरण शेष हैं। कुछ वसूली के प्रकरण तहसीलदार के यहां पेंडिंग है। कमिश्नर श्री तिवारी ने निर्देश दिए की वसूली के प्रकरण में तेज गति से कार्य करते हुए शत प्रतिशत वसूली करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पैक्स समिति के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। बताया गया कि सभी पैक्स समितियों का कंप्यूटराइजेशन किया गया है। नवीन समिति भी बनाई गई है लेकिन अभी वहां पर कार्य शुरू नहीं हो पाया है। जैसे ही शासन के निर्देश प्राप्त होंगे कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। कमिश्नर ने सभी सहकारिता अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रति 3 माह में आयोजित होने वाली डीसीडीसी की बैठक आयोजित करवा लें।
कमिश्नर ने मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की जिन जिलों में स्मार्ट फीश पार्लर बनाए जाने हैं वहां पर स्मार्ट फीश पार्लर का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। कोई भी कार्य न रुके। जहां जमीन की आवश्यकता है वहां पर कलेक्टर के माध्यम से जमीन आवंटित कराई जाए। उन्होंने मत्स्य किसानों की सतत रूप से केसीसी बनाने के निर्देश दिए।
उघानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रभात पट्टन एवं मुल्ताई में उघानिकी विभाग का रकबा बढ़ाया गया है यहां के किसान अब पत्ता गोभी की खेती व्यापक स्तर पर कर लाभ कमा रहे हैं। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान कमिश्नर श्री तिवारी ने चलित पशु एंबुलेंस 1962 के कार्यों की सराहना की। उपसंचालक डॉक्टर नेमा ने बताया कि पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण एवं पशु उपचार दिए लक्ष्य के अनुसार शत प्रतिशत कर लिया गया है। उन्होंने अनुदान प्राप्त गौशालाओं की जानकारी से कमिश्नर श्री तिवारी को अवगत कराया ।
