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नीलेश यादव माखननगर की रपट
नर्मदापुरम 30 मार्च 2026 (हिन्द संतरी) लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार का पक्ष रखते हुए दावा किया कि देश में कई किसानों की आय दोगुनी ही नहीं, बल्कि कई गुना ,कई मामलों में आठ गुना हुई है वही कृषि मंत्री के संसदीय क्षेत्र एवं उनके गाँव जैत से लगे गाँव की निवासी राज्यसभा सांसद श्रीमति माया नरोलिया ने आज राज्यसभा में किसानों का दर्द पर मलहम लगाने की मांग करते हुये हुये अन्नदाता को संकट में होने की बात कही है, एक ही क्षेत्र के निवासी, तथा सत्ता पक्ष के मंत्री ओर विधायक की किसानों को लेकर दो तरफा की गई विरोधाभाषी बातों से जिले ही नहीं अपितु प्रदेश देश के किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे है ओर समझ नहीं पा रहे है की कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ओर सांसद माया नरोलिया की बात में से से शिवराज सिंह की बातें झूठी करार दी जाकर माया नरोलिया की सभी प्रशंसा कर रहे है।
लोकसभा सदन में किसानों के हित में जो भी बाते कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही है उसे लेकर किसानों में नाराजी रही है लेकिन विपक्ष शिवराज सिंह के वक्तव्यों को झूठा साबित करने में सफल नही हुआ। गाँव में कहावत है की झूठ मँगरी पर चढ़कर बोलता है शिवराज सिंह ने लोकसभा में कृषि उत्पादन के आंकड़ों पर बात करते हुए कहा कि पहले जहां उत्पादन 14 प्रतिशत के आसपास था, अब इसे बढ़ाकर 44 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है। । उन्होंने कहा, “बिजली आती कम थी, जाती ज्यादा थी। कई बार तो सिर्फ बिजली के बिल ही आते थे।” उन्होंने बताया कि सरकार ने सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया और 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई। इसका परिणाम यह हुआ कि आज मध्य प्रदेश में किसान साल में तीन-तीन फसलें ले रहे हैं, जिससे उनकी आय में दुगुनी- चौगुनी तो कही कही आठ गुणी बढ़ोतरी हुई है। पर शिवराजसिंह चौहान कि बातों को उनके ही क्षेत्र कि ओर राज्यसभा कि सांसद श्रीमति माया नरोलिया ने झुठला कर उन्हे सच्चाई का आईना दिखाया ओर मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई अत्यधिक ओलावृष्टि, भारी वर्षा और तेज हवाओं के कारण किसानों की तैयार रबी फसलों को हुए भारी नुकसान का मुद्दा आज राज्यसभा में उठाया। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने ‘विशेष उल्लेख’ के माध्यम से सदन और सरकार का ध्यान प्रदेश के गंभीर कृषि संकट की ओर आकर्षित किया।
शिवराज सिंह चौहान को सांसद मे बोले गए झूठ को सुधारने के लिए सांसद नारोलिया ने सदन में बताया कि प्रदेश के लगभग 25 जिले, विशेष रूप से उज्जैन, धार, रतलाम और शाजापुर में गेहूं और अन्य रबी की फसलें पूरी तरह तबाह हो गई हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “कटाई के इस चरम समय पर गेहूं की फसल गिरने और दानों के झड़ने से किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया है।” फसल के साथ-साथ सिंचाई पाइप और भंडारण जैसी कृषि संपत्तियों को भी भारी क्षति पहुंची है।
अब कृषि मंत्री को किसानों की चिंता साझा करने वाली श्रीमती नारोलिया कि बातों पर ध्यान देना होगा ओर तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों की मांग की और जिलावार क्षति का सटीक सर्वे कर रिपोर्ट पूर्ण करने की समय-सीमा तय करवाना चाहिए ताकि उनके झूठ का पाप धूल सके।
