नर्मदापुरम 12,मार्च,2026(हिन्द संतरी) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मढ़ई में स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान विधायक पिपरिया ठाकुरदास नागवंशी, सीसीएफ अशोक कुमार, कलेक्टर नर्मदापुरम सुश्री सोनिया मीना, कलेक्टर बैतूल नरेंद्र सूर्यवंशी, फील्ड डायरेक्टर श्रीमती राखी नंदा, एसडीएम पिपरिया आकिप खान, संजय लिडवानी, कमल धूत, अरूण शर्मा, दिनेश शर्मा सहित अन्य अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर श्री तिवारी ने निर्देश दिए कि पचमढ़ी, मढ़ई सहित संभाग के अन्य संरक्षित क्षेत्रों में सिंगल यूज पॉलिथीन के उपयोग पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों एवं स्थानीय निवासियों को प्लास्टिक बोतलों तथा सिंगल यूज पॉलिथीन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाना आवश्यक है। इसके लिए होटल संचालकों, टैक्सी एसोसिएशन एवं अन्य संस्थाओं के साथ बैठक आयोजित कर जनजागरूकता बढ़ाई जाए। उन्होंने कलेक्टरों को भी इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में वन्यप्राणी गलियारों के महत्व एवं पारिस्थिति की सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की सीमा के निकट भवन एवं अन्य अधोसंरचनाओं के निर्माण के लिए आवश्यक मापदंड निर्धारित किए जाने पर समिति द्वारा सर्वसम्मति व्यक्त की गई। साथ ही संरक्षित क्षेत्र की सीमा के निकट पर्यटन सुविधाओं के पर्यावरण के अनुकूल विस्तार, पर्यटन से रोजगार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संख्या तथा इसके संभावित दुष्प्रभावों के न्यूनीकरण एवं पुनर्संयोजन के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में यह भी सहमति बनी कि होटल, लॉज एवं टूर संचालकों की गतिविधियों का नियमित अनुश्रवण किया जाए ताकि पर्यटकों के भ्रमण से वन्यप्राणियों को किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो। साथ ही स्थानीय समुदाय के सदस्यों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से पर्यावरण के अनुकूल और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने पर भी मंथन किया गया। बैठक में टाइगर रिजर्व तथा आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए स्थानीय प्रशासन और राज्य शासन को उपयुक्त प्रस्ताव भेजे जाने पर भी विचार किया गया।
