
नर्मदापुरम 19,फरवरी,2026(हिन्द संतरी) जीवोदया संस्था, बंगलिया (इटारसी) द्वारा ‘बाल संरक्षण एवं एडवोकेसी’ विषय पर एक दिवसीय बहु-हितधारक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल अधिकारों की सुरक्षा को सुदृढ़ करना तथा विभिन्न शासकीय विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना था, ताकि बच्चों के संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की डायरेक्टर सिस्टर क्लारा द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों के सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य के लिए सभी संबंधित विभागों का एक साझा मंच पर आना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण के मुख्य संसाधन व्यक्ति (Resource Person) के रूप में महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) से श्री आशु पटेल उपस्थित रहे। उन्होंने Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act (JJ Act) के प्रावधानों के आधार पर बाल संरक्षण एवं एडवोकेसी की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल संरक्षण केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह सभी शासकीय एवं सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त जवाबदेही है। उन्होंने संस्था द्वारा वार्ड स्तर पर संचालित बाल संरक्षण समिति, किनशिप (Kinship Care), स्वयं सहायता समूह (SHG), बालसंस्था, एनिमेटर एवं यूथ लीडर्स के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा इन प्रयासों में सभी विभागों से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के कुल 45 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। प्रमुख रूप से बाल कल्याण समिति (CWC) से अध्यक्ष श्री शैलेंद्र, सदस्य श्रीमती अनीता जाट, श्रीमती सारिका कटारे एवं श्याम सिंह मीना,
पुलिस विभाग से GRP थाना से अनीता दास, RPF थाना से देवेंद्र सिंह एवं SJPU पुलिस से भोजराम मरस्कोले, महिला एवं बाल विकास विभाग से परियोजना अधिकारी (CDPO) दीप्ति शुक्ला एवं सेक्टर सुपरवाइजर रेखा चौरे उपस्थित रहे तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं ANM ने भी सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में प्रोग्राम मैनेजर दिलीप कुमार सहित संस्था के स्टाफ सदस्य भूरेलाल, मोनिका, अतुल महोबिया एवं शोभा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में प्रोग्राम मैनेजर दिलीप कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण का समापन स्वल्पाहार के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया।
