
नर्मदापुरम 3 दिसम्बर 25 (हिन्द संतरी) 70 करोड़ रूपये की अमृतजल योजना पूरी तरह असफल है जिसमें योजना के नाम पर आधे शहर में पानी के नलों में मीटर लगा चुकी थी किन्तु शेष में योजना अधूरी होने से आगे नहीं बढ़ सकी |आज उसी योजना के कामों की कलई खुलने लगी है जिसमें वार्ड नंबर 31 के पार्षद नरेंद्र पटेल एक पखवाड़े में दो बार लिखित शिकायत कर अपने वार्ड के नलों से नालियों का गन्दा संडास सी बदबूदार पानी आने की लिखित शिकायत की किन्तु कुम्भकर्णी नींद सोयी परिषद् के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी और वे अपने मस्ती में जनता की शिकायत को भूल गई कि इन्दौर में दूषित पानी पीने से 14 लोगों के मरने और 200 के अस्पताल में आने की सनसनी खेज खबर आते ही सीएमओ हेमेश्वरी पटले नींद से जागी और तत्काल अपनी टीम सहित अपने पीआरओ के लेकर फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर सबूत में फोटोग्राफ मीडिया तक पहुचाकर अपनी सक्रियता का परिचय दिया और प्रेस नोट जारी कर 30 साल पुरानी पाइप लाइन का सर्वे करने सहित लीकेज पाइप लाइन जो संडास का गन्दा पानी सप्लाई कर रही थी, के पाइप को बदलवाकर एक अच्छे अधिकारी होने का डंका पिटवाया है|
आश्चर्य होता है की जब अमृतजल परियोजना का काम पुरे शहर में किया जा चूका है उसके लिए पानी की अलग टंकियो से सप्लाई जारी होती है तब इस योजना के कुशल इंजिनियर और नगरपालिका के अधिकारी क्या आँखें मूंदे काम कर रहे थे जिससे नगर के अनेक मोहल्लों में पानी के पाइप से दूषित जल आने की शिकायत को नगर पालिका तबज्जो नहीं देती थी| इंदौर की पेयजल संबंधी घटना को लेकर स्थानीय नगरपालिका की सक्रियता अपने कर्तव्य पालन या जिम्मेदारी की नहीं बल्कि इन्दौर घटना की पुनरावृत्ति यहाँ न हो जाए और वे शासन की कोपभाजन न बन जाए इसलिए भय के की गई कार्यवाही है| नगरपालिका को जहां जहां से गंदे पानी की शिकायत मिली वहां की समस्याओं का समाधान करने जुट गई है । साथ ही शिकायत के आधार पर नगर के वार्डों में पुरानी पाइप लाइनें भी बदली जा रही है। चेम्बर्स की सफाई कराई जा रही है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिले इसके लिए नगरपालिका की टीम सक्रियता से कार्य कर रही है।
सीएमओ ने किया फिल्टर प्लांट का निरीक्षण
जल प्रदाय शाखा प्रभारी उपयंत्री अंबक पाराशर ने बताया कि शनिवार को मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले द्वारा फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया गया और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने रसूलिया में डाली जा रही पाइप लाइन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। साथ ही जहां पर भी टंकियों से पानी सप्लाई हो रही वहां सृदृढ़ व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
