
नर्मदापुरम 20 फरवरी 2026 (हिन्द संतरी) मध्यप्रदेश सरकार का बजट सशक्त और समावेशीअर्थव्यवस्था के लिए ब्लू प्रिंट है, जो विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विजन डाक्यूमेंट का रूप लेता है। यहबजट मध्यप्रदेश के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्रीनरेंद्र मोदी जी के वर्ष 2047 तक भारत को एकविकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने में सहायक होगा यह बात मध्यप्रदेश के स्कूली शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप ने भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कही । इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रीति शुक्ला, पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह, महामंत्री कुंवरसिंहयादव, जिला उपाध्यक्ष लोकेश तिवारी नपा अध्यक्ष नीतू महेन्द्र यादव, जिला मीडियाप्रभारी अमित माहाला उपस्थित रहे।
श्री राव ने कहा कि यह बजट में प्रधानमंत्री मोदी के चार प्रमुख वर्ग गरीब,युवा, अन्नदाता और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा है,जो प्रदेश के समग्र विकास को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्रीमोदी के संकल्प के अनुरूप, मध्यप्रदेश सरकारने गरीबों के जीवन स्तर में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा। मध्यप्रदेशके बजट में न तो कोई नया कर लगाया गया है, न ही लोक कल्याणकारी योजनाओं में किसी प्रकार की कटौती की गई है। वर्ष 2026-27 का मध्यप्रदेश बजट कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवा कल्याण, इन्फ्रास्ट्रक्चर, और समाज के हरवर्ग के लिए समर्पित है।
मध्यप्रदेश सरकार के इस ऐतिहासिक बजट के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा जी को बधाई हुए मंत्री राव ने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि, बीमा योजनाएं,और सौर ऊर्जा पंप जैसी योजनाओं का प्रावधान किया गया है, जो कृषि क्षेत्रके विकास को बढ़ावा देंगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। महिलाओं के लिए पेंशनयोजनाएं और आंगनवाड़ी सेवाओं के लिए वित्तीय प्रावधान किया गया है, जो उनके जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सशक्तबनाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं, जिससे समाज के हरवर्ग को लाभ मिलेगा और नए विकास के अवसर सृजित होंगे। बजट में औद्योगिक क्षेत्रको प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों और रोजगारके अवसर बढ़ेंगे।
मध्यप्रदेश सरकार ने 4,38,317 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट से स्वयंके व्यय से 1,17,667 करोड़ का राजस्वप्राप्त होगा। केन्द्र से 1,12,137 करोड़ प्राप्तहोंगे। राज्य के स्वयं के कर राजस्व में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि है। पूंजीगत व्यय राज्य के सकल घरेलूउत्पाद का 4.80 प्रतिशत है। पूंजीगतव्यय में पिछले वर्ष के अपेक्षा लगभग 7.5 फीसदी की वृद्धि की गई है। अनुसूचित जनजाति के बजट में 47,429 करोड़ यानी 25.8 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अनुसूचित जाति विभाग के बजट में 31,192 करोड़ यानी 17 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बजट में राज्य का सकल राज्यघरेलू उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 10.69 प्रतिशत अधिक है। प्रतिव्यक्ति आय में वर्ष 2023-24 की तुलना में 9.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कृषि क्षेत्र पर विशेषध्यान कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए बजट काएक महत्वपूर्ण हिस्सा किसानों को समर्पित किया गया है। गौशाला योजना की राशि मेंवृद्धि-किसानों के पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधानकिया गया है। सोलर सिंचाई पंप-1 लाख सोलर सिंचाईपंप किसानों को प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। कृषक उन्नति योजना 5500 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। प्राकृतिकखेती – 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्रमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इसयोजना के लिए 1299 करोड़ रुपये काप्रावधान।
कृषक प्रोत्साहन राशि- किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया गया। दुग्धउत्पादन में वृद्धि- मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के उद्देश्य से दूध संकलनमें वृद्धि की जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण केप्रयासलाड़ली लक्ष्मी योजनामहिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस योजना में 23882 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। कार्यकाजीमहिलाओं के लिए हॉस्टल 5700 वर्किंग वूमेनहॉस्टल इंडस्ट्रियल शहरों में बनाए जाएंगे। नारी कल्याण योजनाएं महिलाओं के लिएपेंशन योजनाओं और विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं के लिए कुल 1.27 लाख करोड़ का प्रावधान। युवा सशक्तिकरण और रोजगारके अवसरहर युवा को रोजगार युवावर्ग के लिए रोजगार सृजन के उद्देश्य से बजट तैयार किया गया है। अहिल्याबाई कौशलविकास योजना- इस योजना के तहत युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि ऋण -25,000 करोड़ रुपये का कृषि ऋणदेने का लक्ष्य रखा गया है। छात्रवृत्ति योजना- 46 लाख पंजीकरण अटल पेंशन योजना में किए गए हैं। खेल एवं युवाकल्याण- 815 करोड़ रुपये का बजट खेलयोजनाओं के लिए आवंटित किया गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर औरविकास योजनाएंमुख्यमंत्री मजरा टोलासड़क योजना- 21,630 करोड़ रुपये कीसड़क योजना मंजूर की गई है, जिससे ग्रामीणक्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। सांदीपनी विद्यालय 294 सांदीपनी विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। PMश्री योजना 799 विद्यालय इस योजना के तहत संचालित होंगे और 530 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
मंत्री जी बजट पर अपनी बात रखते हुए आकडे देते हुए बोले कि आर्थिक प्रावधान औरयोजनाएंमध्यप्रदेश को आत्मनिर्भरबनाने के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपयेका वित्त प्रावधान सशक्तिकरण, और अन्य विकासयोजनाओं के लिए यह राशि आवंटित की गई है। कृषि, महिला PM जन धन योजना 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले गए हैं, जिससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। प्रधानमंत्रीसुरक्षा बीमा योजना 3 करोड़ 64 लाख पंजीकरण हो चुके हैं। प्रधानमंत्री जीवनज्योति योजना 1 करोड़ 54 लाख पंजीकरण के माध्यम से लाखों परिवारों कोसुरक्षा प्रदान की जा रही है। समाज के प्रत्येक वर्ग केलिए योजनाएंघुमक्कड़ वर्ग के लिएप्रावधान 1691 करोड़ रुपये काप्रावधान इस वर्ग के विकास के लिए किया गया है।पिछड़ा और अल्पसंख्यकवर्ग इन वर्गों के विकास के लिए विशेष योजनाओं का प्रावधान किया गया है। नैतिक और सामाजिककर्तव्यों के साथ बजट”GYAN” (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी, इंफ्रास्ट्रक्च यह बजट राज्य के समग्र विकास कोदृष्टिगत रखते हुए तैयार किया गया है। धरती आवा अभियान – 752 करोड़ रुपये का बजट पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों कीसुरक्षा हेतु प्रावधान किया गया है। आर्थिक क्रांति की दिशा में कदम यह बजट एक नईआर्थिक क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री वृंदावनयोजना ग्रामीण विकास केलिए वृंदावन योजना की शुरुआत की गई है, जो ग्रामों के समग्र विकास को बढ़ावा देगी। वीबी-जी रामजी योजना के लिए 10,428 करोड़ का प्रावधान वर्ष 2026-27 के बजट में मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने औरग्रामीण क्षेत्र के सम्र विकास के लिए चलाई जा रही बीबी-जी रामजी योजना के लिए 10428 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कक्षा आठवींतक के छात्रों को टेट्रा पैक में दूध मिलेगा। महिला कल्याण योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ दिए गए हैं। हेल्थ सेक्टर के लिए 23,747 करोड़ दिए गए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उज्जैन में 472 ई-बसें शुरू की गई हैं। सिंहस्थ के लिए 13851 करोड़मध्यप्रदेश केउज्जैन में वर्ष 2028 में होने वालेआस्था के महाकुंभ सिंहस्थ के लिए सरकार ने इस बजट में 13,851 करोड़ का प्रावधान बजट में किया गया है। इसकेसाथ ही पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900करोड़, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। पर्यावरण क्षेत्र केलिए 6 हजार 151 करोड़ के साथ कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगीइससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इस अवसर पर जिलामंत्री सम्राट तिवारी, रीता ठाकुर, कार्यालय मंत्री प्रशांत दीक्षित, वंदना दुबे, दीपकमहाला, सोशल मीडिया के गजेन्द्र चौहान, राहुल ठाकुर, राहुल पटवा, मंडल अध्यक्षसागर शिवहरे, रूपेश राजपूत, गोकुल पटेल राजकुमार चौकसे, मुकेश नागर, सुंदरमअग्रवाल, मनीष परदेशी, दुर्गेश मिश्रा, सुरेन्द्र चौहान आदि पदाधिकारी एवंकार्यकर्ता मौजूद थे।
