
नर्मदापुरम 18 फरवरी 2026 (हिन्द संतरी) होशंगाबाद जिले से हरदा तहसील को 6 जुलाई 1998 को विभाजित कर पृथक जिला बनाये 28 साल बाद कांग्रेस विधायक रामकिशोर दोगने ने अपने क्षेत्र के लाखों किसानों को जिला मुख्यालय पर जिला सहकारी बैंक का मुख्यालय बनाये जाने की मांग को लेकर विधानसभा सदन में सहकारिता मंत्री से प्रश्न किया कि वर्ष 1998 में जिला होशंगाबाद से अलग कर हरदा को जिला घोषित किया गया था, जिला घोषित किए जाने के उपरांत समस्त शासकीय विभागों का जिला मुख्यालय हरदा को बना दिया गया है परन्तु जिला सहकारी बैंक हरदा का जिला मुख्यालय वर्तमान में भी जिला नर्मदापुरम (होशंगाबाद) है क्या कारण है की जिला सहकारी बैंक हरदा का जिला मुख्यालय हरदा नहीं किया गया है जबकि किसानों के लिए यह उनके हित में आवश्यक है।
विधायक श्री दोगने के सवाल का उत्तर देते हुए सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सदन को अवगत कराया कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, नर्मदापुरम (होशंगाबाद) का कार्यक्षेत्र दो जिलों हरदा एवं नर्मदापुरम तक विस्तारित है तथा हरदा जिले में स्थापित 06 शाखाओं के माध्यम से आमजनों को बैंकिंग सुविधायें उपलब्ध हो रही है। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित होशंगाबाद (नर्मदापुरम) कमजोर बैंक की श्रेणी में होने तथा आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होने से हरदा जिले में पृथक से जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की स्थापना का कोई प्रस्ताव नहीं है।
