
नर्मदापुरम 10,फरवरी,2026(हिन्द संतरी ) देश को नोटों की करेंसी की आपूर्ति करने वाला नर्मदापुरम जिले का प्रतिभूति कागज कारखाना में बतौर कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना का वह गौरव प्राप्त हुआ है जो अब तक के कलेक्टरों को प्राप्त नही हुआ , वे जिले की पहली कलेक्टर हैं जिन्होंने प्रतिभूति कागज़ कारखाने का दौरा कर पेपरमिल की उत्पादन प्रक्रिया के नजदीक से देखा और प्रबंधन से विस्तार से चर्चा की| इस अवसर पर उनके साथ अपर कलेक्टर (एडीएम) राजीव रंजन पांडेय भी उपस्थित रहे। मिल के एजीएम अमित कुमार द्वारा उनका स्वागत किया गया।
देखा जाए तो सिक्योरिटी पेपर मिल का काम 1962 में शुरू हुआ और 28 अक्टूबर 1963 में इसका एक हिस्सा बन गया था। भवन का उद्घाटन 20 मार्च 1967 को उप प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने किया था। तब से लेकर अब तक दर्जनों कलेक्टर आये किन्तु उन्होंने इस मिल का न तो दौरा किया और न ही वे इस क्षेत्र में किसी भी गतिविधि में शामिल रहे है, अलवत्ता वर्ष 1997 में एक प्लांट से गैस रिसने से कुछ लोगों के स्वास्थ्य सम्बन्धी शिकायत की जांच सहित कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण अतिथियों तथा तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के आगमन पर यहाँ बैठके हुई लेकिन तब भी कलेक्टरों की बजाय मिल का मेनेजमेंट सीआईएसऍफ़ की हाथों सुरक्षा व्यवस्था होने से उनपर ही निर्भर रहा है|
यह पहला मौका है जब दो दर्जन से अधिक अधिकारीयों के परिवार की सदस्या रही सोनिया मीना ने इस संवेदनशील समझे जाने वाली मिल का दौरा किया| एसपीएम के डीजीएम (जनसंपर्क) संजय भावसार द्वारा बताया गया कि इस भ्रमण के दौरान सिक्योरिटी पेपर मिल की उत्पादन प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों एवं विभिन्न तकनीकी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी उन्हें दी गई। उनके द्वारा मिल परिसर का निरीक्षण किया गया और अधिकारियों से पेपर उत्पादन प्रक्रिया एवं अन्य गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली गई।
इस अवसर पर कलेक्टर द्वारा मिल में किये जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण, सुरक्षा तथा गुणवत्ता सुधार से जुड़े प्रयासों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर एसपीएम के वरिष्ठ अधिकारी सर्वश्री परीक्षित जोशी, अखिलेश गुप्ता, डॉ. घनश्याम जरेडा, गोविंद रघुवंशी इंद्रजीत कुमार, अनूप मढ़ैया आदि भी उपस्थित थे।
