नर्मदापुरम 08 दिसंबर 2025 (हिन्द संतरी ) बीज की समस्या पैदाकर नकली खादबीज तथा राखड मिली डीएपी एवं एक्सपायरी डेट का खाद-बीज का कारोबार अपने संरक्षण में चलवाकर भष्टाचार,धोखाधडी और आर्थिक अनियमितताओं में अग्रणी जिले के कृषि विभाग के उपसंचालक जे आर हेडाऊ आदतन अपने भ्रष्ट कारनामों में अपने सभी वरिष्ठ अधिकारियों-मंत्री आदि से मक्खन की तरह घुले मिले होने से शुद्ध घी तो निकल नहीं पाता, वसूली की अटैचिया जरुर मंत्री अधिकारी पाकर इन्हें लुट की खुली छुट दे चुके है इसलिए अब अगर नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी इनसे सप्ताह में एक दिन जिले के किसी भी स्थान पर जैविक हाट बाजार लगाने एवं जैविक उत्पादन एवं सामग्री भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश देकर जैविक हाट का व्यापक प्रचार प्रसार कर किसानों को जैविक सामग्री एवं वस्तुएं खरीदने के लिए प्रेरित करने को कहे तो इससे क्या सच में कुपथ्य पर चलने वाले ये अधिकारी सफल होंगे, निश्चित ही अपने कारनामों के अनुसार ये जैविक हाट को भी अजैविक हाट में तब्दील नही कर देंगे, यह यक्ष प्रश्न इस जिले की हो रही दुर्दशा पर नृत्य कर रहा है ।
सवाल इसलिए खड़े होते है की उप संचालक कृषि जेआर हेडाऊ जिस-जिले जिले में पदस्थ रहे है वहां एक गेंग सक्रिय रहकर इनके इर्द गिर्द समर्थन मूल्य पर खरीदी में घोटालों- अमानक मुंग आदि फसलों का कारोबार में गोदाम संचालकों से नजदीकिया के रहते उसे जिले में जहाँ ये पदस्थ है, वहां के किसानों की बर्बादी का कारण बनने के लिए कृषि विभाग नकली खाद (जैसे राख मिली डीएपी) बेचने सक्रिय हो जाता है और इनके अधीनस्थ अधिकारी दुकानदारों पर एफआईआर और लाइसेंस सस्पेंड करने जैसी कार्रवाई की धमकी देकर उनसे यह सब चोरी छिपे कराते है और यह सब करने के लिए ये ही अधिकारीगण प्रति दुकानदार से 4 -8 हजार रूपये प्रतिमाह वसूली को बढ़ाकर कार्यवाही की धमकी दे प्रति सप्ताह इतनी ही राशि वसूली करते है और जो दुकानदार विरोध करता है तो ये उस दुकान की खाद बीज और रसायनों की जांच-पड़ताल कर नकली-अमानक बीज तथा नकली खाद के प्रकरण बनाकर या लायसेंस निरस्त कर विभाग और जिले के अधिकारियों की वाहवाही पाकर ईमानदारी का सर्टिफिकेट पाकर फूले नहीं समाते है, कुछ दिनों बाद मामला शांत होते ही मोटी रकम लेकर फिर लायसेंस बहाल कर देते है, इस प्रकार के अनेक प्रकरण देखें जा सकते है|
देखा जाए तो श्री हेडाऊ ने कुछ महीनों पूर्व डोलरिया में नकली डीएपी खाद किसानों को बेचने जाने के मामले पकड कर विक्रेताताओं के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज किए जाने के बाद इन पांच दुकानों के लाइसेंस नियमों की अवहेलना कर खाद-बीज और नकली कीटनाशकों का विक्रय किसानों को करते पाए जाने पर निलंबित किये, जबकि जांच में पाया गया है कि ये विक्रेता किसानो की जगह व्यवसायी को बेच रहे थे। जिन विक्रेताओं द्वारा नियमानुसार रिकार्ड संधारित नहीं रखा जाकर अनियमितता की जा रही थी, विभागीय जांच में मेसर्स लकी ट्रेडर्स पिपरिया, मॉ बीजेश्वरी ट्रेडर्स पिपरिया, मनमोहन फर्टिलाइजर एंड केमीकल्स बनखेड़ी द्वारा उर्वरक विक्रय केन्द्र पर विधिवत् स्टाक रजिस्टर, बिल बुक व अन्य रिकार्ड का संधारण अद्यतन न रखे जाने पर इनके उर्वरक विक्रय लायसेंस को निलंबित कर दिया गया था और मेसर्स श्रीराम बीज भण्डार पिपरिया के बीज विकय केन्द्र पर निरीक्षण दल को रिकार्ड निरीक्षण हेतु प्रस्तुत न करने स्टाक रजिस्टर, बिल बुक व अन्य बीज क्रय-विक्रय से संबंधित रिकार्ड का संधारण न करने के कारण बीज लाइसेंस भी निरस्त किये तथा मेसर्स थापक ट्रेडर्स, सेमरीहरचंद के उर्वरक विकय केन्द्र पर विधिवत् निर्धारित प्रारूप में रिकार्ड संघारित न रखे जाने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। इस प्रकार अनेक मामले रहे जिनपर कार्यवाही के बाद विभाग मेहरवान हुआ और वे दुकानदार किसानों के हित के लिए नहीं कृषि विभाग के अधिकारीयों के लाभ के लिए काम करने को विवश हो व्यवसाय में बने हुए है।
नर्मदापुरम संभाग के कमिश्नर केजी तिवारी ने किसानों के हित में कृषि विभाग को निर्देश दिए है कि सप्ताह में एक दिन जिले के किसी भी स्थान पर जैविक हाट बाजार लगाना सुनिश्चित करें और जैविक हाट में जैविक उत्पादन एवं सामग्री भरपूर मात्रा में रहे और जैविक हाट का व्यापक प्रचार प्रसार कर लोगों को जैविक सामग्री एवं वस्तुएं खरीदने के लिए प्रेरित किया जाए तब की स्थिति में कृषि विभाग अपनी परीक्षा में कैसे कितना सफल होता है, यह वरिष्ठतम अधिकारियों की निरंतर निगरानी से ही पता चल सकेगा ।
