
नर्मदापुरम 13 जनवरी 2026 (हिन्द संतरी ) इटारसी में पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष धर्मदास मिहानी के आकस्मिक निधन से सिन्धी समाज में शोक की लहर छा गई और हर व्यक्ति अपने को दुखी और गम से भरा दिखाई दे रहा है | इटारसी ही नही अपितु जिले के सिन्धी समाज में श्री मिहानी जी समाजसेवा के नाम से अपनी पहचान बनाये हुए थे उनके दुखद निधन का समाचार बाजार के व्यापारियों के लिए भी अत्यंत पीड़ादायक और हृदय को व्यथित करने वाला है। उनके जाने से केवल सिंधी समाज ही नहीं, बल्कि समूचे नगर और हर वर्ग ने एक ऐसे व्यक्ति को खो दिया है, जो समाज के लिए जीवन भर समर्पित रहा।
श्री मिहानी केवल एक पद या नाम नहीं थे, वे अपने भीतर अपार सरलता, सहजता और सेवा का भाव लिए हुए एक सच्चे समाजसेवी थे। वे हर समाज, हर वर्ग और हर व्यक्ति को समान दृष्टि से देखते थे। किसी के सुख-दुख में बिना बुलाए खड़े मिल जाना उनकी पहचान थी। समाज के छोटे से छोटे व्यक्ति की बात भी वे उतनी ही गंभीरता से सुनते थे, जितनी किसी बड़े विषय की। सिंधी समाज के लिए उन्होंने जो किया, वह शब्दों में समेट पाना कठिन है। संगठन को जोड़ना, युवाओं को प्रेरित करना, परंपराओं को सम्मान देना और जरूरतमंदों के लिए हमेशा आगे रहना—यही उनका जीवन रहा। उनका स्वभाव इतना सरल था कि पहली मुलाकात में ही अपनापन महसूस होता था। किसी में अहंकार नहीं, केवल मुस्कान और सहयोग की भावना।
उनके निधन से जो रिक्तता बनी है, वह आसानी से भर पाना संभव नहीं है। यह क्षति केवल परिवार या समाज की नहीं, बल्कि पूरे नगर की है। आज हर आंख नम है, हर मन भारी है और हर जुबान पर एक ही बात है—ऐसा इंसान बार-बार नहीं मिलता।
श्री धर्मदास मिहानी का नाम, उनका सादापन और उनका समाज के प्रति समर्पण हमेशा स्मृतियों में जीवित रहेगा।
