
नर्मदापुरम् 28, फरवरी 2026 (हिन्द संतरी) नर्मदापुरम की संस्कृति में सेवा और सत्कार रचा बसा है यहाँ पर धुनिवाले छोटे दादा जी के बाद वीरान पड़ी मिश्र जी की बगिया में 1900 दिन निराहार व्रत रख माँ नर्मदा जल से साधनारत रह उनकी परिक्रमा में लगे दादागुरु 2500 ( ढाई हजार) परिक्रमावासी के साथ नगर में प्रवेश कर चुके है जिसकी अगवानी नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव ने की , इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर नगरवासियों द्वारा भव्य स्वागतकर उनपर पुष्पवर्षा से सड़कों पर फूलों का अम्बार लगा दिया गया इसके बाद श्री दादाकुटी में *श्रद्धेय दादागुरु के आशीष वचनों के साथ महाआरती एवं महाप्रसादी का आयोजन की भव्य तैयारी को देखते हुए भक्तों के आशीर्वाद प्राप्त करने की भीड़ उमड़ पड़ी है ।
इधर मां नर्मदा तट बांद्राभान स्थित दिवस बसेरा में अखंड निराहार सिद्ध महायोगी दादा गुरु की नर्मदा परिक्रमा का आगमन हुआ। जहां पर नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालुगणों द्वारा गाजे बाजे और पुष्पवर्षा के साथ दादा गुरू और संत, महात्मा और परिक्रमावासियों की अगवानी की गई। इस दौरान समूचा नगर धर्ममय हो गया। श्री दादा गुरू के स्वागत के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दिवस बसेरा में परिक्रमावासियों द्वारा विशाल भंडारा ग्रहण किया गया। दो घंटे विश्राम के बाद श्री दादा गुरू नगर भ्रमण करते हुए साहू धर्मशाला स्थित दादा कुटी पहुंचे।
दिवस बसेरा में अगवानी करते हुए नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव द्वारा अपनी सुमधुर कंठ ध्वनि से श्री दादा गुरू, संत, महात्माओं और परिक्रमवासियों का ओजस्वी भाषण से स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि आज बड़ी सौभाग्य की बात है कि हमारे नर्मदांचल में अखंड निराहारी श्री दादा गुरू आगमन हुआ और उनकी सेवा करने का मौका मिला। यहां श्री दादा गुरू द्वारा नपाध्यक्ष श्रीमती यादव को आशीर्वाद दिया गया।
पौधरोपण किया श्री दादा गुरू द्वारा दिवस बसेरा परिसर में त्रिवेणी स्वरूप एक साथ तीन वृक्ष पीपल, नीम और वटवृक्ष का पौधरोपण पूरे मंत्रोच्चार के साथ किया गया। बड़ी संख्या में साधु संत महात्मा और श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।
