
नर्मदापुरम 28 ,जनवरी,2026(हिन्द संतरी ) नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर भारत पर्व के कार्यक्रम में स्वराज संस्थान के कलाकारों ने अपने नृत्य एवं देशभक्ति गीतों से देखने वालों का देर रात तक मनोरंजन किया। भोपाल से आई ख्याति प्राप्त नृत्यांगना मांडवी अजय अरोनकर ने अपने नृत्य दल के कलाकारों के साथ मिलकर महाराष्ट्र की संस्कृति में वीर और शूरवीर योद्धाओं, लोक कल्याण की देवी अहिल्याबाई, आम मजदूर श्रमिकों एवं भगवान श्री कृष्ण की स्तुती में किए जाने वाले पोवाडा लोक नृत्य की अद्भुभुत प्रस्तुति दी। पोवाड़ा लोक नृत्य वीर रस से ओतप्रोत लोक नृत्य है, इस नृत्य के माध्यम से मराठा शूरवीरों के साहस एवं पराक्रम तथा आत्म स्वाभिमान को परिलक्षित किया गया था। यह वीर रस से ओतप्रोत लोक नृत्य पोवाड़ा ना सिर्फ मराठा शूरवीरो पर आधारित है अपितु सबसे पहले यह लोक नृत्य एवं गायन की स्तुति भगवान श्री कृष्णा के सम्मान पर की जाती है उसके बाद ही अन्य योद्धाओं या वीर स्त्रियों के लिए लोक नृत्य किए जाते हैं।
भोपाल से आए उस्ताद सलीम उल्लाह ने देशभक्ति गीतों की शुरुआत वंदे मातरम के गायन से की, उसके बाद उन्होंने संदेशे आते हैं एवं देशभक्ति से सरोवर अनेक गीतों की प्रस्तुति दी। एक लय एवं एक ताल में तथा एक सुर में गाए उनके गीतों को सभी लोगों ने बहुत पसंद किया। देर रात तक उस्ताद सलीम उल्लाह ने अपने देशभक्ति गीतों से लोगों का भरपूर उत्साह वर्धन किया। उनके गीतों को सुनकर सभी लोगों के मन में जोश की भावना भर गई। नर्मदापुरम के म्यूजिकल जोन ग्रुप ने भी अपने देशभक्ति गीतों से देर रात तक लोगों का मनोरंजन किया।
माडवी अजय अरोनकर ने अपने नृत्य दल के कलाकारों के साथ सर्वप्रथम भगवान श्री कृष्ण को समर्पित पोवाडा नृत्य की प्रस्तुति की, उनके कलाकारों ने ओजस्वी नृत्य एवं गायन से ऐसा समां बांधा की दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। भगवान श्री कृष्ण पर आधारित पोवड़ा लोक नृत्य मुख्यतः महाभारत युद्ध के समय कुरुक्षेत्र में अर्जुन द्वारा अपने परिजनों पर शस्त्र ना उठाने एवं श्री कृष्ण द्वारा उन्हें गीता का ज्ञान देने एवं धर्म के लिए खड़े होने की सीख पर आधारित था। जब श्री कृष्ण ने अर्जुन को सीख दी तब उन्हें धर्म के लिए लड़ने की प्रेरणा मिली। उत्साह से भर देने वाला पोवाड़ा लोक नृत्य तन और मन में अद्भुत ऊर्जा का संचार कर देता है। पोवड़ा लोक नृत्य की खासियत है कि पहले पोवाड़ा लोक नृत्य एवं गीत भगवान श्री कृष्णा को सम्मान देने के लिए गया जाता है। माडवी अजय अरोनकर ने भगवान श्री कृष्ण पर नृत्य की प्रस्तुति की उसके बाद मराठा शूरवीर छत्रपति शिवाजी महाराज एवं देवी अहिल्याबाई के लोक शासन और जन कल्याण को परिलक्षित करते हुए पोवाडा नृत्य एवं गीत की प्रस्तुति की। उन्होंने अपने साथी कलाकारों के साथ मिलकर साधारण मजदूर और श्रमिकों, पराक्रमी स्त्री पर आधारित पोवाडा नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति की। जिसकी दर्शकों ने ताली बजाकर सराहना की।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन ने मांडवी अजय अरोनकर एवं उस्ताद सलीम उल्लाह का पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया।
