नर्मदापुरम 05 दिसंबर 26 (हिन्द संतरी) कैलाश पर्वत पर शिवजी का घंटा चौबीसों घंटे गूंजता है और लोग भक्ति में झूम उठते है, ऐसा ही आलम किसी भी देव-देवी स्थान पर बजने वाले घंटा और घंटियों का है जिसके स्वर आत्मा की गहराईयों तक पहुचने पर व्यक्ति भावविभोर हो उठता है और उसके पापों का नाश होता है। पूजा पाठ और भक्ति के लिए घंटा ओर घंटियों का बजना शुभ है किन्तु कोई राजनेता मृत्यु का उपहास कर अहंकार में मलंग बनकर जनता को घंट समझता हो तो जनता भी ऐसे नामुराद को घंटा समझती है। पर एक जिम्मेदार राजनेता और प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दूषित जल पीने से अपने क्षेत्र के निर्दोष नागरिकों की असमय मौत और बीमार होने की स्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे पत्रकार को घंटा जैसा द्विभाषीय-द्विअर्थीय शब्द से उत्तर देकर जनतंत्र का अपमान करता नजर आये तब विपक्ष की भूमिया निभा रहा कांग्रेस शिवाले के घंटे और कहे गए घंटा का अर्थ समझाने घंटा लेकर निकल जाए और नेताओं के घरों का घेराब कर घंटा बजाकर उनकी नींद उडाये तो कोई अतिशयोक्ति नही होगी, और यही पुरे प्रदेश में चल रहा है उसी क्रम में नर्मदापुरम स्थित सांसद दर्शनसिंह के घर कांग्रेस का घंटा बजाकर विरोध जताया गया।
प्रदेश कांग्रेस का घंटा अब पुरे प्रदेश में विधायकों- सांसदों और नेताओं के घर-घर बज रहा है। मध्यप्रदेश काँग्रेस कमेटी के आव्हान पर नगर काँग्रेस कमेटी एवं ब्लाक काँग्रेस कमेटी ग्रामीण के द्वारा इंदौर कि सीवर लाइन के प्रदूषित पानी को लेकर हुई घटना मे 16 व्यक्तियो कि मृत्यु और 200 से अधिक लोगो के गंभीर रूप से संक्रमित होने के पश्चात वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल के पत्रकार से सवाल पूछे जाने पर अशोभनीय बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश व्यापी आंदोलन रखा गया जिसमे काँग्रेस पार्टी कि इकाई ने सांसद दर्शन सिंह चौधरी के कार्यालय के समझ एकत्रित होकर घंटा बजाकर प्रदेश सरकार होश मे आओ नारे लगाने के के बाद मंत्री के इस्तीफे और बर्खास्तगी कि माँग की ।
सदियों से घंटा भारत ही नहीं दुनियाभर में बड़ा सम्मान पाता रहा है किन्तु उसकी दुर्गति एक ताकतवर शख्स ने कर दी। नि:संदेह उनके श्रीमुख से जिस भाव से घंटा शब्द का विलक्षण उच्चारण हुआ, वह घंटा को आत्महत्या को विवश कर रहा है और कांग्रेस का घंटा हर दिन हर पल इनके कानों में अट्टहास कर रहा है। वैसे कलयुग में कैलाश विजयवर्गी का घंटा हो या कांग्रेस का घंटा, कोई घंटा खुदखुशी नहीं करेगा, हां अब हर घंटा बेशर्म ‘बड़ों’ की तरह ही जीना सीखना चाहता है ताकि जो जैसा है उसके लिए वैसा ही घंटा बन सके। मंदिर में घंटा चढ़ाओगे या चढ़ा घंटा बजायोगे तो खूब टनटन कर सबके मंगल की कामना करूंगा। स्कूल में बजाओगे तो बच्चों की मुस्कान से पूरे घर को रोशन करूंगा। लेकिन… भाषा की मर्यादा तोड़ने के इरादे से जुबान पर हमारा नाम लाओगे तो… याद रखना, मेरा नाम घंटा है, खूब बजाऊंगा, जैसे आज प्रदेश में कांग्रेस अपना घंटा बजा रही ही लेकिन समझा रही है की सरकार का घंटा बजाया जा रहा है।
नर्मदापुरम सांसद के सरकारी आवास पर कांग्रेस ने घंटा बजाकर सरकार को होश में लाने का नारा लगाने वाले प्रमुख कांग्रेसियों में पूर्व ज़िला काँग्रेस अध्यक्ष सत्येन्द्र फौज़दार नगर काँग्रेस अध्यक्ष कमलेश बाथरे पूर्व ब्लाक अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी नेता प्रतिपक्ष अनोखे राजौरिया अजय सैनी महेश पाण्डेय के एस राजपूत ब्लाक काँग्रेस अध्यक्ष अनुराग मलैय्या पूर्व ज़िला महामंत्री गुलाम हैदर कपिल यादव सूरज तिवारी युवक कांग्रेस महासचिव फैज़ानुल हक यूथ काँग्रेस नगर अध्यक्ष गुलाम मुस्तुफा रोहन जैन रिज़वान खान संतोष तोमर अजय दुबे विजेंद्र राजपूत रितिक चौहान विक्की आर्य सत्यम तिवारी कुलदीप राठौर अमित खत्री विशाल प्रधान अशोक अहिरवार सलीम खान कुलदीप पटेल मुकुल गुप्ता ऋषि तिवारी मीना वर्मा पुष्प लता जयसवाल ज्योति मालवीय अफराज़ खान राजेंद्र मिश्रा शेख पप्पू लखन रघुवंशी बबलू राठौर राकेश दुबे प्रताप ठाकुर समेत अनेक काँग्रेसी कार्यकर्ता शामिल हुऐ।