
नर्मदापुरम 12,फरवरी,2026(हिन्द संतरी ) नर्मदा पुरम संभाग कमिश्नर श्री कृष्ण गोपाल तिवारी गुरुवार को सिवनी मालवा के ग्राम रतवाडा पहुंचे, नहर का पानी सिंचाई के लिए किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है कि नहीं तथा किसान नरवाई का किस तरह प्रबंधन कर रहे हैं इसका फीडबैक लिया। कमिश्नर ने मौके पर ही सभी किसानों से मूंग फसल के संबंध में आवश्यक जानकारी ली और किसानों को समझाइश दी कि वह मूंग की फसल लगाने की बजाय मूंग के विकल्प के रूप में अन्य फसल को लगाने के लिए प्रेरित हो। ग्राम रतवाडा में कृषकों ने कमिश्नर को अवगत कराया की मूंग की फसल कम अवधि की है जो किसानों के लिए फायदेमंद है, वहीं अन्य फसल या उड़द की फसल का क्राफ्ट टाइम 60 से 70 दिनों का है इसलिए वे मूंग की फसल लगाते हैं। कमिश्नर ने किसानों को समझाइश दी कि मूंग की फसल लगाने से पहले किसान अपने खेतों को साफ करने एवं नरवाई को हटाने के लिए अत्यधिक मात्रा में सफाया का उपयोग करते हैं जो की जमीन के लिए हानिकारक है इससे जमीन के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसे नहीं रोका गया तो आने वाले समय में जमीन अनु उपजाऊ हो जाएगी और मूंग की फसल में अत्यधिक कीटनाशकों का प्रयोग होने के कारण मूंग हानिकारक हो जाता है। किसानों ने कहा कि यदि उन्हें शासन से बेहतर विकल्प मिले और कम समय में लगने वाली फसल का विकल्प मिले तथा नहर से पर्याप्त मात्रा में सिंचाई के लिए पानी मिले तो वे सभी मूंग की बजाय दूसरी फसल लगाने के लिए तैयार हैं।
कमिश्नर ने तवा की मुख्य नहरों से खेतों की सिंचाई के लिए मिलने वाले पानी की स्थिति की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि बाकी जगह तो नहर से पानी मिल रहा है लेकिन टेल एरिया में अभी तक नहर से पानी नहीं पहुंच पाया है। नहर का फ्लो कम होने के कारण टेल तक पानी पहुंचने में अत्यधिक समय लगता है। कमिश्नर श्री तिवारी ने सभी किसानों की समस्या को गंभीरता पूर्वक सुनकर जल संसाधन विभाग के ईई श्री अंकित श्रॉफ एवं श्रीमती राजश्री कटारे को निर्देश दिए कि वह नहर को पूरे फ्लो से चलाएं। नहर का पानी टेल एरिया तक पहुंचे और सभी किसानों को वो चाहे वह नीचे वाले किसान हो चाहे टेल एरिया के किसान हो सभी को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिले।
किसान मूंग की बजाय अन्य फसल लगाए ताकि नहरों की मरम्मत का समय मिल सके
कमिश्नर श्री तिवारी ने किसानों को समझाइश दी कि वह मूंग की बजाय कोई अन्य कम पानी वाली फसल लगाए ताकि इस अवधि में मिलने वाले समय से नहर की मरम्मत एवं साफ सफाई तथा रखरखाव का कार्य किया जा सके। कमिश्नर ने कहा कि वर्तमान में नहर की मरम्मत एवं साफ सफाई के कार्य के लिए समय नहीं मिल पा रहा है क्योंकि मूंग की फसल मैं सिंचाई के लिए नहर से पानी छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि यदि नहर की मरम्मत एवं साफ सफाई नहीं हुई तो आने वाले समय में नहर का रखरखाव एवं नहर को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाएगा।
नरवाई के उचित प्रबंधन के लिए सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर यंत्र का उपयोग करें
कमिश्नर ने किसानों को नरवाई न जलाने की सलाह दी और कहा कि नरवाई जलाने में नर्मदापुरम जिला प्रदेश में टॉप पर है जो कि हम सब के लिए चिंता जनक स्थित है। नरवाई जलाने से जमीन के पोषक तत्व नष्ट हो रहे हैं। उन्होंने किसानों से कहा कि वह नरवाई का उचित प्रबंधन करने के लिए एवं नरवाई को भूसे में परिवर्तित करने के लिए सुपर सीडर एवं हैप्पी सीडर यंत्र का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि 4 से 5 सक्षम किसान सुपर सीडर या हैप्पी सीडर यंत्र का क्रय करे और अपने खेतों से नरवाई का उचित प्रबंधन करें साथ ही अन्य किसानों को भी यंत्र दें ताकि वे भी नरवाई का उचित प्रबंधन कर सके। उन्होंने कहा कि शासन कृषि यंत्रों पर अनुदान भी दे रही है। अतः किसान अनुदान का लाभ उठाते हुए यंत्रों की खरीदी कर उसका उपयोग नरवाई प्रबंधन में करें।
रतवाडा के कृषक श्री हुकम सिंह, पूर्व सरपंच श्री सुप्यार सिंह एवं शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की दिक्कत होती है, अभी ट्यूबवेल से 60% तक सिंचाई की गई है। उन्होंने कहा कि यदि कम अवधि की फसल का विकल्प मिले तो वे सभी मूंग की फसल की बजाए कोई अन्य फसल लगाना पसंद करेंगे।
किसानों ने भावांतर योजना की की भूरी भूरी सराहना
रतवाडा के किसानों ने भावांतर योजना की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सोयाबीन की फसल भावांतर के तहत मंडी में बेची है जिससे उनको अच्छा रेट मिला। उन्होंने कहा कि आगे भी सोयाबीन की फसल भावांतर में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना से किसानों को बहुत सपोर्ट मिला ।
