
नर्मदापुरम 22 फरवरी 2026 (हिन्द संतरी) लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत मिलने पर वर्ष 2019 में जिला सहकारी बैंक के सिवनीमालवा शाखा प्रबंधक सतीश सिटोके के टिमरनी, भोपाल स्थित घरों पर दबिश देकर जांच में उसके वर्ष 1992 से दिसम्बर 2018 तक प्राप्त वेतन कटोत्रा आदि में आय की तुलना में 26.97 प्रतिशत अधिक होने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत विशेष न्यायालय नर्मदापुरम में चालान पेश किया गया। लोकायुक्त द्वारा की गई कार्यवाही और चालान प्रस्तुत करने के बाद आश्चर्यजनक तरीके से विशेष पुलिस स्थापना ने दूसरी जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत कर पूर्व जांचों को झुठलाते हुए प्रकरण में 28 दिसंबर 2024 को खात्मा प्रतिवेदन तैयार कर प्रकरण में खात्मा लगाने की मांग की है जिसमें दो अलग अलग आय के स्त्रोत की तुलना में गैर आनुपातिक संपत्ति के पत्रकों में प्रस्तुत आंकड़े पुलिस के लिए गले की फांसी न बन जाए ,यह समझना होगा ।
एक और जहाँ लोकायुक्त के द्वारा प्रकरण में पहले जांच में दोषी पाते हुए जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक सतीश सिटोके को सजा दिलाने हेतु चालन पेश किया वही उसी लोकायुक्त पुलिस ने बचाव करते हुए अपनी ही जांचों, लगाये गये आरोपों आदि में सतीश सिटोके को दोषी नहीं पाया और प्रकरण में खात्मा लगाने उसी कोर्ट में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जहा पहले सजा देने के लिए की थी।
विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जिला नर्मदापुरम ने 12 फरवरी 2026 को अपने आदेश में उक्त प्रकरण में शाखा प्रबंधक सतीश सिटोके को राहत दिलाये जाने के लिए लोकायुक्त पुलिस के चालन में प्रस्तुतु प्रतिवेदन और खात्मा हेतु लागाये प्रतिवेदन में आय से अधिक संपत्ति में सतीश सिटोके द्वारा किये गए व्यय किस आय से और किस प्रकार किया गया है, निर्माण कार्य किससे कराया है इस सम्बन्ध मह भुगतान किस प्रकार किया है सभी बिन्दुओं पर सूक्ष्म विवेचना कर गणना पत्रक प्रस्तुत किये जाने हेतु निर्देशित किया है ।
