
नर्मदापुरम 12,जनवरी,2026(हिन्द संतरी ) साल में बारह महीने काम की अधिकता के कारण खाद्य सुरक्षा प्रशासन का जिला चिकित्सालय स्थित कार्यालय में ताला लगा होगा है और अधिकारी फील्ड पर कार्यवाही करने निकलते है, वे बेचारे दिन रात पूरी इमानदारी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करने का दाबा करते है किन्तु महीनों में एक आध कार्यवाही करने में सफल होते है जैसे हाल ही में कालिका नगर नर्मदापुरम स्थित नर्मदा बैकरी एवं पेटिस पार्लर की जांच करने पहुचें खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दियावार एवं जितेंद्र सिंह राणा द्वारा निरीक्षण के दौरान गंदगी में ब्रेड एवं टोस्ट का निर्माण होना पाए जाने पर नर्मदा बेकरी का लायसेंस निरस्त कर दिया गया है|
यहाँ ये अधिकारी कौन सा और कितना काम कर रहे है और उनकी हाजरी कहाँ लग रही है, प्रतिदिन उनके दौरे कहाँ हुए उसमें कितना काम उस ब्लाक के तहसीलदार या अनुविभागीय अधिकारी की सहमित से करके कितने खाद्य दुकानों से सेम्पल लिए गए कितने मेडिकल स्टोरों पर कार्यवाही हुई आदि की जानकारी न तो इनके कार्यालय में है और न ही मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी को है, फिर तीज त्योहारों पर होटलों में बनने वाली खाद्य सामग्री में नकली मावा हो, नकली पनीर हो, नकली घी या विभिन्न कम्पनियों के दावे कर उपभोक्ताओं को ललचाने वाले खाने के तेल या सामन आदि की बात हो, कही भी किसी भी जगह इनका भय नहीं और न ही हे वहां जाकर सेम्पल लाकर मिलावटी सामग्रियों पर रोक लगाने में सक्षम है, फिर ये या क्या कर रहे है क्या कलेक्टर या संभागायुक्त इसकी पड़ताल करने की पहल कर इनकी वसूली पर रोक क्यों नहीं लगाता है?
अगर इनके द्वारा नर्मदा बैकरी संचालक के परिसर की साफ सफाई नहीं की जा रही है और मकड़ी के जाले और अस्वच्छ वातावरण में ब्रेड पेटिस और टोस्ट का निर्माण किया जाना पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्यवाही की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दियावार द्वारा ब्रेड और टोस्ट के नमूने जांच हेतु लिए गए। विक्रेता को नोटिस जारी किया जा रहा है। संगृहीत नमूने राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है रिपोर्ट प्राप्त होने पर अग्रिम कार्यवाही की जावेगी। इसके अतिरिक्त विक्रेता के द्वारा खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि का उल्लेख नहीं किया जा रहा है। सुधार होने तक निर्माण इकाई का संचालन न करने का निर्देश दिए गए है और इसलिए तुरंत प्रभाव से निर्माता का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। इन दोनों अधिकारीयों की इस कार्यवाही में इन्हें इतने वर्ष तक यह क्यों नहीं दिखा यह भी समझना होगा, क्योकि जो दुकानदार इन्हें सलाम ठोकते है उनसे नजराना मिलने पर इनका उधर जाना ही नहीं होता है , इन सारी बातों को संज्ञान में लिया जाकर प्रशासन को यह सब देखना होगा और मिलावटी खान पान की सामग्री पर अंकुश लगाने के लिए इनकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए ताकि जिले में मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों को कार्यवाही का भय हो, जो अब तक इनके संरक्षण के कारण किसी को नहीं है|
