
नर्मदापुरम10, मार्च,2026(हिन्द संतरी) समय-सीमा की बैठक में शासन की विभिन्न योजनाओं, अभियानों एवं लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने संकल्प से समाधान अभियान, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण, जनसुनवाई प्रकरणों, गेहूं उपार्जन की तैयारियों, जल गंगा संवर्धन अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 तथा ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्थाओं की प्रगति का आकलन करते हुए सभी विभागों को समयसीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संकल्प से समाधान अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत आयोजित किए जाने वाले क्लस्टर कैंपों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि अभियान की पूरी अवधि में वे निरंतर मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों की प्रगति पर नजर रखें।
कलेक्टर ने बैठक के दौरान निर्देशित किया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ग्रीष्मकाल के दौरान संभावित पेयजल समस्याओं से निपटने के लिए प्रभावी कार्य योजना तैयार करे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को पेयजल की कोई समस्या न हो, इसके लिए अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हैंडपंप सहित अन्य जल स्रोतों के सुधार कार्य को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही पेयजल संबंधी समस्याओं की निरंतर निगरानी कंट्रोल रूम के माध्यम से की जाए, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने नल-जल योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों का वेरिफिकेशन भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आने वाले जल स्रोतों एवं संभावित समस्या वाले स्थानों की विस्तृत समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी पेयजल आपूर्ति से संबंधित समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर के माध्यम से भी पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में आमजन की सुविधा के लिए प्याऊ की व्यवस्था भी संबंधित विभागों द्वारा की जाए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान बॉटम में स्थान प्राप्त करने वाले विभागों की कार्यशैली पर गहन असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ये समस्त विभाग अपनी स्थिति में सुधार लाएं। उन्होंने संस्थागत वित्त, राजस्व, ग्रामीण विकास, सहित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, श्रम विभाग को निर्देश दिए कि आगामी एक सप्ताह में स्थिति में सुधार न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध क्रायवाही प्रस्तावित की जाएगी। कलेक्टर ने 1000 दिवस एवं 500 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों को रैंडम तरीके से जांचते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों की गहनता से जांच कर उन्हें शीघ्रता से बंद कराएं। आगामी एक सप्ताह में ऐसी समस्त शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए की समय सीमा के सभी मामलों में अधिकारी तत्परता दिखाते हुए उनका निराकरण करें। उन्होंने निर्देश दिए सभी अधिकारी समय सीमा अवधि का विशेष ध्यान रखें। इसी प्रकार कलेक्टर ने विभाग बार जनसुनवाई के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की 1 वर्ष पुराना कोई भी जनसुनवाई प्रकरण लंबित न रहे समस्त अधिकारी सुनिश्चित करें। उन्होंने एसडीएम सिवनी मालवा एवं सीओ सिवनी मालवा को निर्देशित किया की जनसुनवाई के दौरान प्राप्त सबसे पुरानी शिकायतों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करें। समय सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर ने आयोग और न्यायालय के लंबित मामलों की भी समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक के दौरान गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी दो दिनों के भीतर सभी अनुविभागों से उपार्जन केंद्रों के प्रस्ताव अनिवार्य रूप से प्रेषित किए जाएं। उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन के लिए किसानों द्वारा किए गए पंजीयन का सत्यापन कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने सभी तहसीलों में सत्यापन की गति बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सभी सीईओ एवं संबंधित अधिकारियों को पूर्व नियोजित तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण के लिए ठोस कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जल संसाधन विभाग के अंतर्गत आने वाली नहरों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया कि विभागीय नहरों सहित अन्य जल संरचनाओं से संबंधित आवश्यक दस्तावेज राजस्व विभाग को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि राजस्व रिकॉर्ड में उनका विधिवत अंकन किया जा सके। पीएम आवास योजना 2.0 अंतर्गत पट्टा वितरण एवं DPR अनुमोदन की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी सीएमओ को निर्देशित किया की समयावधि का ध्यान रखते हुए सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। किसी भी परिस्थिति में समयसीमा का उल्लंघन न हो यह सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर श्री अनिल जैन, डिप्टी कलेक्टर डॉ बबीता राठौर, श्रीमती नीता कोरी, श्रीमती सरोज परिहार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
