दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर के पीड़ितों को अस्पताल पहुचाने पर होंगे एक लाख रूपये तक होंगे पुरस्कृत
नर्मदापुरम 10,दिसम्बर,2025(हिन्द संतरी) गंभीर दुर्घटना के पीड़ित को तत्काल सहायता प्रदान करके और दुर्घटना के बाद महत्वपूर्ण गोल्डन आवर के भीतर चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर पीड़ित की जान बचाने वाले को राहवीर योजना के तहत 25 हजार रूपये के पुरस्कार दिया जाएगा और जान बचाने वाले व्यक्ति को राहवीर कहा गया है इसीलिए योजना का नाम राहवीर योजना रखा गया है।
सड़कों पर आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए देश का हर नागरिक प्रेरित हो और वह सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की जान बचाने के लिए तत्काल सहायता प्रदान करके उन्हें अस्पताल पहुंचाकर चिकित्सा उपचार प्रदान करके उसकी जान बचाए उसे गोल्डन ऑवर की स्थिति में अर्थात गंभीर चोट के बाद एक घंटे की अवधि में चिकित्सा उपलब्ध कराकर उसकी देखभाल करे परिणामस्वरूप पीड़ित को उपचार के दौरान मृत्यु/गंभीर स्थिति का प्रमाण पत्र जारी किया गया हो। बड़ी सर्जरी होना, कम से कम तीन दिन अस्पताल में भर्ती रहना, मस्तिष्क की चोटें, रीढ़ की हड्डी की चोटें, उपचार के दौरान पीड़ित की मृत्यु आदि के रहते प्रत्येक राह-वीर (गुड समेरिटन) के लिए पुरस्कार राशि प्रति घटना 25,000/- रुपये प्रदान की जाएगी।
यदि एक राह-वीर मोटर वाहन से जुड़ी एक गंभीर दुर्घटना में एक या अधिक पीड़ितों की जान बचाता है, तो पुरस्कार राशि 25,000/- रुपये मात्र होगी। यदि एक से अधिक राह-वीर (गुड समेरिटन) मोटर वाहन से जुड़ी किसी गंभीर दुर्घटना में एक पीड़ित की जान बचाते हैं, तो पुरस्कार राशि अथति 25,000/-रुपये उनके बीच बराबर-बराबर बाँटी जाएगी। यदि एक से अधिक राह-वीर (गुड समेटिटन) मोटर वाहन से जुड़ी किसी गंभीर दुर्घटना में एक से अधिक पीड़ितों की जान बचाते हैं, तो पुरस्कार राशि प्रति बचाए गए पीड़ित व्यक्ति के लिए 25,000/- रुपये होगी, जो प्रति राह-वीर अधिकतम 25,000/- रुपये होगी। प्रत्येक पुरस्कार के साथ एक सराहना प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
व्यक्तिगत मामलों में पुरस्कार के अतिरिक्त, सर्वाधिक योग्य राह-वीरों (जिनका चयन पूरे वर्ष के दौरान सम्मानित किए गए लोगों में से किया जाएगा) के लिए प्रतिवर्ष 10 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार दिए जाएँगे और प्रत्येक को 1,00,000/- रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। देश के प्रत्येक नागरिक को मानवीयता का परिचय देकर गंभीर सड़क दुर्घटना की स्थिति में राह-वीर बनने की मिसाल कायम करनी होगी और राहवीर योजना के अनुसार, अस्पताल/पुलिस स्टेशन राह-वीर को अनावश्यक रूप से रोक कर नहीं रख सकते। घायल होने के पहले महत्वपूर्ण घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में पीड़ित के बचने की संभावना बढ़ाने के लिए आसपास के लोगों की सहायता ज़रूरी है।
